
हाई कोर्ट ने डीजीपी को शपथ पत्र पर स्पष्टीकरण पेश करने दिए निर्देश
जबलपुर। हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल की एकलपीठ ने प्रदेश के पुलिस महानिदेश को व्यक्तिगत शपथ पत्र पेश कर यह स्पष्ट करने कहा है कि आखिर किस अधिकार के अंतर्गत टीआई ने फायनेंस कराई गई गाड़ी जब्त की। कोर्ट ने डीजीपी को यह भी साफ करने कहा है कि यदि टीआई का उक्त कृत्य कानूनी रूप से अनुचित है तो उनके विरुद्ध क्या कार्रवाई की गई। मामले की अगली सुनवाई 11 मार्च को नियत की गई है।याचिकाकर्ता हरदा निवासी आसिफ कय्यूम खान की ओर से अधिवक्ता ओमशंकर विनय पांडे व अंचन पांडे ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि याचिकाकर्ता ने नर्मदापुरम स्थित एचबीडी फायनेंशियल सर्विसेज से गाड़ी फाइनेंस कराई थी। याचिकाकर्ता दो किश्त चुका नहीं पाया। इस पर नर्मदापुरम अंतर्गत सिवनी मालवा पुलिस थाने के टीआई ने फाइनेंस कंपनी के अधिकारियों से मिलीभगत करके वाहन जब्त कर लिया। सवाल उठता है कि टीआई ने किस कानून के तहत उक्त वाहन जब्त किया है। इस संबंध में पुलिस के आला अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसीलिए न्यायहित में हाई कोर्ट की शरण ली गई है।
