
आज जिले सहित पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाएगा कार्यक्रम
विशाल रजक
तेन्दूखेड़ा!– आज 23 फरवरी को संत श्री गाडगे जी महाराज की 149 वीं जयंती सांस्कृतिक, सामाजिक कार्यक्रम कर धूमधाम से पूरे जिले में मनाई जाएगी। संत गाडगे समाज के प्रति सदैव आजीवन समर्पित रहे। उन्होंने अपने जीवन में अनाथलायक, विद्यालय, चिकित्सालय आदि की स्थापना करते देशवासियों को शिक्षा और स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया। आज की युवा पीढ़ी को उनसे सीख लेनी चाहिए। उनके विचारों में बच्चों को शिक्षित बनाने की प्रेरणा थी। रजक समाज के लोगों का कहना है कि संत गाडगे बाबा के जीवन का एकमात्र ध्येय था-लोक सेवा। दीन-दुखियों तथा उपेक्षितों की सेवा को ही वे ईश्वर भक्ति मानते थे। उनका विश्वास था कि ईश्वर दरिद्र नारायण के रूप में मानव समाज में विद्यमान है। मनुष्य को चाहिए कि वह इस भगवान को पहचाने और उसकी तन-मन-धन से सेवा करें। भूखों को भोजन, प्यासे को पानी, अनपढ़ को शिक्षा, बेकार को काम, निराश को ढाढस और मूक जीवों को अभय प्रदान करना ही भगवान की सच्ची सेवा है। संतश्री के जीवन से सभी को सीख लेनी चाहिए और मानव सेवा करना चाहिए वहीं जिले सहित पूरे देशभर में आज गाडगे महाराज की जयंती धूमधाम से मनाई जाएगी

रजक समाज के लोगों ने कहा
भागीरथ रजक कहते हैं कि राष्ट्रसंत गाडगे बाबा स्वच्छता अभियान के जनक होने के साथ ही महान समाज सुधारक थे। उन्होंने अपने जीवन में सामाजिक कुरीतियों अंधविश्वास के खिलाफ संघर्ष किया है शिक्षा के प्रति जन जागरूकता भी उनके मुहिम का हिस्सा थी संत गाडगे बाबा का मुख्य उद्देश्य था कि भले ही घर का बर्तन बिक जाए, रोटी हाथ में लेकर खाना पड़े लेकिन अपने बच्चों को शिक्षा अवश्य दिलाए
भागीरथ रजक तेन्दूखेड़ा

नीलेश रजक कहते हैं कि राष्ट्रसंत श्री गाडगे महाराज एक समाज के न होकर समस्त मानव जाति के गुरु हैं उनके बताए रास्तों पर चल कर सभी का कल्याण होता है गाडगे जी महाराज ने कहा था कि संगठित रहो संघर्ष करो अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दो और मानव सेवा सदभावना से अपना कार्य करते रहो नशामुक्त जीवनयापन करो।
नीलेश रजक तेन्दूखेड़ा

राजकुमार रजक कहते हैं कि राष्ट संत श्री गाडगे समाज के महापुरुष के साथ संविधान निर्माता आंबेडकर के राजनैतिक गुरु भी है समाज की एकता ही सबसे बड़ी पूंजी है। संत गाडगे शिक्षा और स्वच्छता के नायक थे सबसे पहले हाथ में झाडू लेकर और मिट्टी का घड़ा से पानी पीकर लोगों को संदेश दिया था। उन्होंने अंधविश्वास जैसी समाज की कुरीतियों को खत्म करने को लेकर लगातार देश के कोने-कोने में समाज सुधार का प्रयास किया था। हम सभी को बाबा के बताए मार्ग पर चलना होगा।
राजकुमार रजक तेन्दूखेड़ा

राकेश रजक कहते हैं कि शिक्षा ही समाज का दर्पण होता है जो समुदाय शिक्षित होता है, उसका विकास तेजी से होता है हर माता- पिता को भी अपने बच्चों को शिक्षा से जोडना चाहिए इससे परिवार का उत्थान होगा अभी भी बहुत कई समाज में अशिक्षा है जिससे वह विकास की धारा से दूर है रजक समाज को संतश्री के बताए मार्ग पर चलकर समाज का विकास करना होगा अपने बच्चों को शिक्षा देकर उन्हें देश के विकास में भागीदारी का हिस्सा बनाना होगा
राकेश रजक तेन्दूखेड़ा

सोनू रजक कहते हैं कि आधुनिक भारत के जिन महापुरुषों पर गर्व होना चाहिए उनमें से राष्ट्रीय संत श्री गाडगे बाबा का नाम सर्वोपरि है यदि ऐसा कहा जाये तो कोई गलत नहीं होगा मानवता के सच्चे पुजारी सामाजिक समरसता के घोतक निष्काम कर्मयोगी यदि किसी को माना जाए तो वह संत थे संत गाडगे बाबा वास्तव में गाडगे बाबा के जीवन से उनके कार्यों से तथा उनके विचारों से हम बहुत कुछ सीख सकते हैं हम समाज और राष्ट्र को काफी कुछ दे सकते हैं सोनू ने कहा कि समाज के लोगों को अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा देनी चाहिए
सोनू रजक युवा तेन्दूखेड़ा

भरत रजक ने कहा कि संत गाडगे बाबा ने अपने संदेश में कहा था कि बेकार को रोजगार प्यासे को पानी भूखे को रोटी बेघरों को मकान अंधे लंगड़े की सहायता पशु पक्षियों एवं मूक प्राणियों की सेवा ही सच्चा धर्म है समस्त रजक समाज के लोगों को एकजुट होकर समाज के विकास के लिए आगे बढ़ना चाहिए वहीं समाज में फैली कुप्रथाओं को दूर करें साथ ही हर रजक समाज की युवा साथियों को एकजुट होकर समाज के प्रति जागरूक होना चाहिए और समाज से जुड़ी बातों पर ध्यान देना चाहिए
भरत रजक युवा
