
3000 रुपये तक राशि बढ़ाने को लेकर कोई प्रस्ताव नहीं ………..नए नाम जोडऩे पर भी विचार नहीं
महिला बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने विधानसभा में दी जानकारी
भोपाल। महिला बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने विधानसभा में जानकारी दी की मप्र में लाडली बहना योजना में सिर्फ 35 महिलाओं को अपात्र किया गया है। कांग्रेस विधायक के सवाल पर उन्होंने बताया कि वहीं अब तक 3 लाख से अधिक महिलाओं के नाम काटे गए है। फिलहाल 3000 रुपये तक राशि बढ़ाने को लेकर कोई प्रस्ताव नहीं है। हरदा के टिमरनी से कांग्रेस विधायक अभिजीत शाह ने लाडली बहना योजना को लेकर विधानसभा में सवाल लगाया। जिस पर सरकार ने जवाब दिया है।
लाडली बहना योजना में सिर्फ 35 महिलाओं को अपात्र किया गया है। वहीं तीन लाख 19 हजार 991 महिलाओं के नाम काटे गए है। इन सभी महिलाओं को 60 वर्ष की आयु पूर्व होने के कारण अपात्र घोषित किया गया है। योजना के शुरू होने के बाद से कुल 15 हजार 735 महिलाओं की मृत्यु हो चुकी है। वहीं नवंबर 2023 के बाद एक भी महिला का नाम नहीं जोड़ा गया है।
अभी नहीं बढ़ेगी राशि, नए नाम जोडऩे पर भी विचार नहीं
महिला बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने विधानसभा में दिए जवाब में कहा यह सतत प्रकृति की योजना नहीं है। तथा लाड़ली बहना का हित लाभ उनका मौलिक अधिकार नहीं है। लाड़ली बहना योजना में नई हितग्राहियों को जोडऩे की कोई समय सीमा फिलहाल नहीं हैं। आदेश के नए पंजीयन के लिए किसी समय सीमा का उल्लेख नहीं था। तथा वर्तमान में नवीन आवेदन प्रारंभ करने का कोई प्रस्ताव विचार अधीन नहीं है। योजना में न कोई कटौती की जाएगी न योजन बंद की जाएगी। कोई भी योजना पूरे कार्यकाल के लिए होती है। संकल्प पत्र पूरे पांच साल के लिए होता है। समय समय पर बढ़ाते रहेंगे।
15 हजार से ज्यादा लाड़ली बहनों की मौत
विधानसभा में कांग्रेस विधायक अभिजीत शाह के सवाल के जवाब में सामने आया कि जून 2023 से फरवरी 2025 तक मात्र 35 महिलाओं को लाडली बहना योजना से अपात्र किया गया है। जौरा विधायक पंकज उपाध्याय के सवाल के जवाब में बताया गया कि 15748 लाड़ली बहनों की अब तक मौतें हो चुकी हैं। 60 साल की उम्र पार होने के चलते 3 लाख 19 हजार 911 महिलाएं लाड़ली बहना योजना से बाहर की गई हैं। सितंबर 2023 से फरवरी 2025 तक 21 से 35 साल की लाडली बहनों की संख्या 59 लाख 12 हजार से घटकर 58 लाख 87 हजार हो गई है। 36 से 50 वर्ष की लाडली बहनों की संख्या 53 लाख 75 हजार से घटकर 53लाख 43 हजार रह गई है।
हर छह महीने में होना था कार्य दक्षता मूल्यांकन
प्रताप ग्रेवाल के सवाल के उत्तर में बताया गया कि इस योजना के आदेश में उल्लेखित लाडली बहन योजना के कार्य की दक्षता मूल्यांकन की कार्यवाही प्रचलित है। जबकि योजना के आदेश के मुताबिक 6 महीने में योजना का मूल्यांकन किया जाना था। लेकिन, 18 महीने बाद भी नहीं किया गया है।
