
ग्वालियर। सेंट्रल जेल में दुष्कर्म के मामले में सजा काट रहे बंदी की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। जेल प्रबंधन का कहना है कि बुधवार रात को तबीयत बिगड़ने पर उसे उपचार के लिए जयारोग्य अस्पताल में भर्ती कराया थ। जहां पर उसने दम तोड़ दिया। पुलिस व जेल प्रबंधन का मानना है कि संभवतः हार्ट अटैक से उसकी मौत हुई है। पुलिस ने शव पीएम हाउस भेज कर जांच शुरू कर दी है।
बुधवार को ही कोर्ट से मृतक की रिहाई के आदेश आ गए थे। लेकिन समय ज्यादा होने कारण जेल प्रशासन ने उसके परिजनों को सुबह आने का कहकर लौटा दिया था। गुरुवार सुबह जब मृतक के परिजन जेल पहुंचे तो पता चला कि देर रात तबीयत बिगड़ने के चलते उसकी अस्पताल में मौत हो गई है। इस पर परिजनों ने जेल के बाहर हंगामा करना शुरू कर दिया और जेल प्रशासन पर हत्या का आरोप लगाया है।
ग्राम पठारी कदीम थाना कुलपहाड़ जिला महोबा उत्तर प्रदेश निवासी 28 वर्षीय मनोज यादव पुत्र दयाराम यादव को दुष्कर्म और पोस्को एक्ट के मामले में उत्तर प्रदेश में गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद वह उत्तर प्रदेश की जेल में ही बंद था। 2020 में उसे ग्वालियर केंद्रीय जेल में ट्रांसफर किया गया था। बुधवार-गुरुवार देर रात करीब 3:00 बजे मनोज यादव की तबीयत खराब होने पर जेल प्रशासन ने उसे जयारोग्य अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया था। जहां उसकी इलाज के दौरान रात 3:30 बजे मौत हो गई।
आरोपी को 7 साल पहले उत्तर प्रदेश पुलिस ने दुष्कर्म और पोस्को एक्ट के मामले में पकड़कर जेल पहुंचाया था। 4 फरवरी 2020 को उत्तर प्रदेश की जेल से ग्वालियर जेल में ट्रांसफर किया गया था। संभवतः उसे हार्ट अटैक आया और उसकी हालत बिगड़ी थी। पुलिस को सूचना दे दी है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
