

छिन्दवाड़ा – शासन द्वारा संचालित शून्य प्रतिशत ब्याज दर योजना अनुसार कृषकों को अपने अल्पकालीन कृषि ऋण की अदायगी ड्यू डेट तक करना अनिवार्य है। जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक से सम्बद्ध 146 बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के माध्यम से खरीफ सीजन में कृषि कार्य हेतु अल्पकालीन फसल ऋण लेने वाले कृषको को 28 मार्च तक ऋण का शत-प्रतिशत भुगतान करना होगा। यदि किसानों के द्वारा ऋण का शत-प्रतिशत भुगतान नहीं किया जाता है तो उन्हें शासन की शून्य प्रतिशत ब्याज दर योजना का लाभ नहीं मिल पायेगा वही ऋणी कृषक को उक्त ऋण की राशि 12 प्रतिशत ब्याज सहित भुगतान करना होगा। उल्लेखनीय है कि बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (बी-पेक्स) से ऋण लेने वाले कृषकों को 28 मार्च तक अपने ऋण की अदायगी करने के लिये बैंक एवं समितियों द्वारा निरंतर सूचित किया जा रहा है। साथ ही उनसे अपील भी की जा रही है कि वे दिनांक 28 मार्च 2025 तक अपने कालातीत एवं अकालातीत ऋण की चुकौती कर समस्त प्रकार की वैधानिक कार्यवाहियों एवं लगने वाले ब्याज एवं दण्ड ब्याज से बचे और दिनांक 01 अप्रैल 2025 से पुन: नया ऋण प्राप्त करें,!
31 मार्च तक वसूल करना है 300 करोड़ :-
कलेक्टर एवं बैंक प्रशासक द्वारा दिनांक 11 मार्च को कार्यालय कलेक्टर सभाकक्ष में आयोजित बैठक के दौरान बैठक में उपस्थित शाखा प्रबंधकों को 31 मार्च तक वितरित ऋण का 300 करोड़ वसूल करने के निर्देश दिये गये है वहीं ऋणी कृषकों भी अपने ऋण की चुकौती कर एक अप्रैल से पुन: नया ऋण प्राप्त कर शून्य प्रतिशत ब्याज सहायता का लाभ उठाने हेतु प्रेरित करने एवं कालातीत कृषकों को राजस्व विभाग के माध्यम से आर.आर.सी जारी करने आवश्यक कार्यवाही किये जाने निर्देशित किया गया है।
01 अप्रैल से मिलेगा नया ऋण :-
बैंक से संबद्ध समितियों के माध्यम से अल्पकालीन फसल ऋण लेकर समायावधि में चुकौती करने वाले कृषकों को अप्रैल 2025 से उनकी पात्रता अनुसार पुन: ऋण वितरण किया जावेगा। बैंक प्रबंधन ने अपील की है कि ऋण चुकौती करने वाले कृषक अपने कार्यक्षेत्र की शाखा एवं समितियों से संपर्क कर अपनी पात्रता अनुसार नया ऋण प्राप्त करें।
