
पार्टी में रहकर ही लड़ेंगे कानूनी लड़ाई, अदालत पर यकीन फैसले हमारे हक में होगा
पटना। नए वक्फ कानून पर सीएम नीतीश कुमार की पार्टी में घमासान मचा है। पार्टी में बगावत शुरू हो गई है। पार्टी के नेता और अल्पसंख्यक आरक्षण मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हाजी मोहम्मद परवेज सिद्दीकी इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए हैं। उन्होंने कहा इस मामले पर पार्टी की राय से सहमत नहीं हैं। जेडीयू में रहकर ही इसके खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ेंगें। उन्हें यकीन है कि कोर्ट मुसलमानों के हक में फैसला करेगी। और यह लड़ाई हम जीतेंगे।
उन्होंने कहा कि संशोधन एक्ट वक्फ संपत्तियों पर सरकारी नियंत्रण को बढ़ावा देता है। यह अल्पसंख्यकों की धार्मिक और सामाजिक स्वतंत्रता में हस्तक्षेप है। संविधान के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। पार्टी की ओर से आयोजित कई कार्यक्रमों में शामिल हो रहा हूं। सीमांचल भी गया हूं। किसी परिस्थिति में जेडीयू ने इसका समर्थन किया है, मुझे नहीं मालूम। कई मुद्दों पर पहले भी सीएम से हमारी मुलाकात हुई है। मुस्लिम समाज के लोगों के मुद्दों पर सीएम नीतीश सक्रिय रहे हैं। इस बार क्या परिस्थिति बनी जो लोकसभा और राज्य में समर्थन दे दिया।
जदयू के कई मुस्लिम नेता इस एक्ट पर विरोध जता चुके हैं। अब तक अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ से 20 से ज्यादा नेता इस्तीफा दे चुके हैं। इस मुद्दे पर सोमवार को पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा कि जिन लोगों ने इस्तीफा दिया है, वे पार्टी में थे भी या नहीं। 20 साल तक हमारे पार्टी का ट्रैक रिकॉर्ड है। मुस्लिम समुदाय के बीच में सीएम नीतीश कुमार ने किस तरह से काम किया है। सबसे बड़ा दंगा कांग्रेस सरकार में बिहार के भागलपुर में हुआ था। नीतीश सरकार में भागलपुर के भी दंगा पीड़ितों को मंथली पेंशन दिया जाता है। 19 साल में बिहार में एक दिन भी कर्फ्यू नहीं लगा है। कब्रिस्तान की घेराबंदी हुई। आगे भी नीतीश कुमार जब तक रहेंगे, मुस्लिम समुदाय का अहित कभी नहीं होने देंगे।
