
पन्ना । विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम अहिरगुवां की महिलाओं ने ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत स्वसहायता समूह से जुड़कर विभिन्न गतिविधियों के जरिए आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण की राह चुनी है। गांव की 12 महिलाओं द्वारा वैष्णव माता स्वसहायता समूह के माध्यम से पॉलीहाउस, किराना दुकान, बैंक कियोस्क, मसाला चक्की एवं सब्जी उत्पादन जैसी आजीविका गतिविधियों का संचालन अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणादायी है। समूह अध्यक्ष कृष्णा बर्मन बेहतर कार्ययोजना के साथ समूह में शामिल महिलाओं को सामूहिक प्रयास से अपनी आय में बढ़ोत्तरी के लिए निरंतर प्रेरित करती हैं। समूह अध्यक्ष कृष्णा द्वारा स्वयं वर्ष 2016 में परिवार की आय में बढ़ोत्तरी के लिए किराना दुकान का संचालन प्रारंभ किया गया था। इसी क्रम में आवश्यक प्रशिक्षण प्राप्त कर 2024 में छोटे स्तर पर पॉली हाउस स्थापित कर पपीता का उत्पादन भी प्रारंभ किया। इस प्रयास से वार्षिक आय एक लाख 50 हजार तक पहुंचने पर लखपति दीदी बनने के सौभाग्य के साथ सराहना भी मिली। अब कृष्णा बर्मन द्वारा समता समन्वयक के दायित्व का निर्वहन कर महिलाओं को उनके अधिकारो के प्रति जागरूक भी किया जाता है। साथ ही विभिन्न जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से अन्य महिलाओं को भी तरक्की की राह में अग्रसर होने के लिए प्रोत्साहन प्रदान किया जा रहा है।


समूह में शामिल अन्य महिलाओं शिखा, गंगा, मोनाभ, संध्या, विद्या ने बताया कि समूह से जुड़कर हम महिलाएं सशक्त बनने के साथ ही परिवार का भरण पोषण भी बेहतर रूप से करने में सक्षम हुई हैं। सहायक आजीविका प्रबंधक मनीष पाण्डेय द्वारा भी महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए समय-समय पर आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। कम शिक्षित होने के बावजूद भी महिलाओं द्वारा आजीविका गतिविधियों के सफलतापूर्वक संचालन से सभी महिलाएं खुश हैं। इनके द्वारा प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के कुशल नेतृत्व में महिलाओं के लिए कई कल्याणकारी योजनाओं के संचालन पर सराहना भी की गई। महिलाओं को प्रधानमंत्री आवास योजना एवं मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना सहित अन्य महत्वाकांक्षी योजनाओं का लाभ भी मिला है। इससे इन महिलाओं का जीवन आसान होने के साथ ही सामाजिक बदलाव भी आया। भविष्य में तरक्की की राह पर निरंतर अग्रसर होने का सपना संजोये समूह की महिलाओं ने बताया कि किसी भी लक्ष्यपूर्ति के लिए दृढ़ इच्छा शक्ति एवं आत्मविश्वास का होना जरूरी है।

