
ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर विशेष समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत करने का मामला
नई दिल्ली। धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में गिरफ्तार हुई सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और लॉ स्टूडेंट शर्मिष्ठा पनोली को गुरुवार को कलकत्ता हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई। उन्हें 30 मई को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। हाईकोर्ट ने उन्हें 10,000 के मुचलके पर रिहा किया है साथ ही देश छोड़ने पर रोक भी लगा दी है। इससे पहले 3 जून को ट्रायल कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा था कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का दुरुपयोग करने नहीं दिया जा सकता।
बता दें पनोली ने वीडियो डिलीट कर माफी मांगी थी, लेकिन गिरफ्तारी से पहले ही एफआईआर दर्ज हो चुकी थी। कोलकाता पुलिस ने उसे गुरुग्राम से गिरफ्तार किया था और फिर ट्रांजिट रिमांड पर कोलकाता ले गई थी। उसे 30 मई को सिटी कोर्ट में पेश किया गया। मामले में विस्तृत सुनवाई के बाद उसे 13 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।
बता दें पनोली ने ऑपरेशन सिंदूर’ पर कुछ टिप्पणियां की थीं, जिससे कथित तौर पर एक विशेष समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची थी। शर्मिष्ठा पनोली ने कड़ी आलोचनाओं के बाद उसने वीडियो हटा दिया था और मामले में सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी थी। हालांकि दर्ज एफआईआर के आधार पर पुलिस ने पहले उसे नोटिस भेजा। इसके बाद उसे गुरुग्राम में गिरफ्तार कर लिया गया था।
शर्मिष्ठा पनोली के वकील ने तब जमानत देने की गुहार लगाई थी। उसके वकील ने दलील दी थी कि पनोली ने अपनी टिप्पणियों के लिए पहले ही माफी मांग ली है। उसके बाद भी उसे धमकी भरे फोन आ रहे हैं। वह कानून की छात्रा है। पुलिस ने उसका लैपटॉप और मोबाइल फोन पहले ही जब्त कर लिया है। उसके बयान दर्ज किए जा चुके हैं, इसलिए उसे जमानत मिलनी चाहिए. वह जांच प्रक्रिया में सहयोग करेगी।
