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इंदौर। इंदौर के राजा रघुवंशी की हत्या का आरोपी राज कुशवाहा बेहद शातिर और चालाक है। घटना की पूरी जानकारी होने के बाद भी सोनम के परिजनों के दुख में लगातार शामिल रहा। किसी को शक न हो इसके लिए परिवार की मदद भी करता रहा। आरोप है कि राज ने सोनम के साथ मिलकर ना सिर्फ पूरी साजिश रची बल्कि अपने दोस्तों के हाथों राजा का कत्ल भी कराया। सोनम के लिए नए फोन और सिम की व्यवस्था हो या हत्यारों को शिलॉन्ग भेजने का इंतजाम, सबकुछ राज ने ही किया था। वह खुद इंदौर में रहा और यहां से मास्टरमाइंड की तरह सबको गाइड करता रहा। राजा की लाश मिलने के बाद वह सोनम के परिजनों के आंसू पोछता रहा।
राजा के भाई विपिन ने सोनम की गिरफ्तारी और राज का नाम आने के बाद याद किया कि जब वह सोनम के भाई गोविंद के साथ शिलॉन्ग गए तो कैसे रास्ते में वह राज से बात करते रहे। विपिन ने याद किया कि गोविंद लगातार राज से संपर्क में थे और बार-बार कह रहे थे कि उनकी उपस्थिति में वह कारोबार को ढंग से चलाए। इससे पता चलता है कि राज सोनम के परिवार का काफी भरोसेमंद था। 2 जून को जब दामाद राजा की लाश मिली और बेटी लापता थी तो सोनम के परिवार पर गम का पहाड़ टूट पड़ा। इस दौरान राज रघुवंशी परिवार के साथ रहा। वह राजा के अंतिम संस्कार में शामिल हुआ। उस दिन की तस्वीरों में दिख रहा है कि राज सोनम के पिता देवी सिंह को सहारा दे रहा है। वह उन्हें पकड़कर बार-बार सांत्वना देता और सबके आंसू पोछता रहा। उस दिन वहां मौजूद रहे लोगों का कहना है कि राज भी एक परिवार के सदस्य की तरह ही खुद को गमगीन दिखा रहा था। तब किसी ने सोचा नहीं था कि जिनके आंसू वह पोछ रहा है उन्हें रुलाने का काम भी उसी ने किया है।
बिलिंग का काम देखता था आरोपी
राज कुशवाहा सोनम के परिवार के कारोबार में एक सहयोगी था। वह उनकी एक फैक्ट्री में बिलिंग और अकाउंट्स का काम देखता था। यहीं उसकी दोस्ती सोनम से हुई थी जो बाद में प्यार में बदल गई और दोनों रिश्ते में इतना आगे बढ़ चुके थे बीच में आए राजा का कत्ल करा दिया। जांच में जुटी पुलिस का कहना है कि राजा और सोनम के लापता होने के दौरान राज इंदौर में ही रहा और यहीं से अपनी भूमिका निभाता रहा।

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