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कोलकाता । पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्यों में भाजपा बंगाली भाषी नागरिकों को निशाना बना रही है और यहां तक कि वैध दस्तावेज धारकों को भी अवैध बांग्लादेशी प्रवासी बता रही है।
विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान उस समय हंगामा शुरू हो गया जब मुख्यमंत्री ने भाजपा पर भाजपा शासित राज्यों में बंगाली भाषी लोगों के खिलाफ दमनात्मक कार्रवाई करने का आरोप लगाया।
बनर्जी ने कहा, आपको शर्म आनी चाहिए कि आप वास्तविक भारतीय नागरिकों को सिर्फ उनकी भाषा के आधार पर बांग्लादेशी बता रहे हैं। बंगाली के साथ-साथ गुजराती, मराठी और हिंदी में बोलने में भी गर्व महसूस होना चाहिए। अगर आप मुझसे पूछें तो मैं इन सभी भाषाओं में बोल सकती हूं।
उन्होंने कहा, एक ओर आप भारतीयों को उनके द्वारा बोले गए शब्दों के कारण बांग्लादेशी बता रहे हैं, और दूसरी ओर आप इन लोगों को, जिनके पास मतदाता पहचान पत्र, पैन और आधार कार्ड हैं, अपने राज्यों में आजीविका कमाने के अधिकार से वंचित कर रहे हैं।
केंद्र पर राज्य को मिलने वाली केंद्रीय धनराशि रोकने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा के सौतेले व्यवहार के बावजूद राज्य ने पथश्री के तहत 69,000 किलोमीटर सड़कें बनाई हैं और 11,000 करोड़ रुपये की आवास योजना शुरू की है।
ममता ने कहा, बंगाल लगातार पांच बार सड़क और ग्रामीण आवास परियोजना रैंकिंग में शीर्ष पर रहा है।
उन्होंने दावा किया कि वित्तीय संकट के बावजूद राज्य में लोगों को औसतन 50 दिन का रोजगार मिल रहा है और उनकी सरकार ने विभिन्न योजनाओं के तहत 1.5 करोड़ कार्य दिवस सृजित किए हैं।
ममता ने कहा, ‘‘एक ओर आप बंगाल के गरीब लोगों को वंचित कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आपके राज्यों में विभिन्न दुर्घटनाओं में मौतों का सिलसिला जारी है।’’
बनर्जी ने कहा कि उनकी सरकार सामाजिक कल्याण पर सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप अनुसूचित जाति (26 प्रतिशत), अनुसूचित जनजाति (6 प्रतिशत), पिछड़ी जातियों और मुसलमानों (30 प्रतिशत) के हितों की रक्षा के लिए काम कर रही है।
उन्होंने कहा, कोई भी हमारे मार्ग को बाधित नहीं कर सकता या हमें अपने सपनों को साकार करने से नहीं रोक सकता।

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