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मुंबई। अवैध धर्मांतरण के आरोप में फंसे यूपी के जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा की मुश्किल और बढ़ती जा रही हैं। बाबा की करतूतों की जड़े कहां-कहां फैली हैं फिलहाल अंदाजा लगाना कठिन है। ऐसी ही तलाशी को लेकर बाबा के ठिकानों पर गुरुवार तड़के ईडी ने बड़ी कार्रवाई की। सात टीमों ने बलरामपुर जिले के उतरोला और मुंबई में दो स्थानों पर छापा मारा। इस दौरान उसकी कोठी दो अन्य मकान का कोना कोना खंगाला। टीम दोपहर में तहसील भी जाएगी और कई कर्मचारियों से पूछताछ करेगी। एटीएस ने पांच जुलाई को छागुर और उसकी सहयोगी नीतू उर्फ नसरीन को गिरफ्तार किया था। एक साल में 100 करोड़ के लेनदेन की बात सामने आई थी।
इस पर तीन दिन बाद ईडी ने दोनों आरोपितों के खिलाफ मुक़दमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। बलरामपुर पुलिस और प्रशासन के साथ एटीएस से काफ़ी ब्योरा ईडी ने लिया था। कई तथ्य और दस्तावेज मिलने के बाद ईडी ने ये छापेमारी की है। ईडी की ये कार्रवाई अन्य जिलो में भी होगी। सूत्रो के मुताबिक ईडी उतरौला तहसील के कुछ कर्मचारियों के ख़िलाफ़ भी बड़ी कार्रवाई कर सकती है। वहीं धर्मांतरण के आरोपी छांगुर से जुड़े प्रकरण में एक युवक की तलाश में एटीएस गोण्डा पहुंच गई। यहां पता चला कि इस युवक की मौत हो चुकी है। उसके बारे में कई जानकारियां जुटाई। इन लोगों ने बताया कि गोण्डा में धर्मांतरण कराने के दौरान बजरंग दल के कुछ लोगों ने विवाद कर दिया था तब वह जेल गया था। धानेपुर इलाके के रेतवागाड़ा गांव के रहने वाले मोहर्रम अली उर्फ आजाद ने बताया कि वह कव्वाली और जागरण करते थे। उनके बड़े भाई रमजान अली ढोल बजाते थे। वर्ष 2023 में रमजान उतरौला के कुछ लोगों के साथ आजमगढ़ में एक कार्यक्रम में गये थे। वहां रात में प्रोग्राम के दौरान बजरंग दल के कुछ लोग पुलिस के साथ आ गए। इन लोगों ने आयोजन में धर्मांतरण कराने का आरोप लगाकर हंगामा किया। इस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर उनके भाई को गिरफ्तार कर जेल में भेज दिया। आठ महीने तक वह जेल में रहा। तीन जनवरी 2024 को जमानत पर बाहर आया था। इसके बाद उसकी तबीयत खराब रहने लगी और चार मार्च, 2024 को मौत हो गई थी। छांगुर के मददगारों की तलाश के दौरान रमजान का नाम भी एटीएस के सामने आया। एटीएस का कहना है कि रमजान नाम के एक शिक्षक की तलाश में गई थी।

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