
कानूनी प्रक्रिया के पेंच से पीएम कराने परेशान हो रहे लोग
बालाघाट। जिला चिकित्सालय में अब पोस्ट मार्टम के लिए ऑनलाइन सिस्टम लागू हो गया है। जब तक ओटीपी नहीं मिलेगी, तब तक आगे की प्रक्रिया ही प्रारंभ नहीं होगी। प्रदेश सरकार ने इसके लिए एक मेड लेबर सॉफ्टवेयर तैयार किया है, जिसमें पीएम के लिए प्रक्रिया पूरी करने से पहले मृतक से जुड़ी सभी जानकारी ऑनलाइन दर्ज करानी होगी। इसके बाद संबंधित परिजन को एक ओटीपी आएगा, जिसे दर्ज करने के बाद ही पीएम की प्रक्रिया पूरी होगी। पहले ही दिन एक परिवार को शव का पीएम कराने के लिए काफी परेशान होना पड़ा।
जानकारी के अनुसार इस ऑनलाइन प्रक्रिया के लिए मप्र शासन ने निर्णय लिया है। मेडलेबर सॉफ्टवेयर बनाया है, जिसमें कोई भी एमएलसी पुलिस से संबंधित कार्यवाही वाले प्रकरण जैसे मारपीट व पोस्टमार्टम प्रक्रिया पुलिस वाला एक सीसीटीएन नंबर जनरेट करके देते है। जिससे सीसीटीएन नंबर जिस डॉक्टर की आईडी में चढ़ेगा तो वह आईडी ओपन हो जाएगी। डॉक्टर ऑनलाइन रिपोर्ट प्रस्तुत कर सकेगा। इस प्रकार सभी प्रक्रिया अब ऑनलाइन कर दी गई है।
उपचार के दौरान कृषक की मौत, पीएम के लिए परेशान हुए परिजन
जिले के चांगोटोला पुलिस चौकी क्षेत्र अंतर्गत नगरवाड़ा निवासी एक कृषक की कीटनाशक के असर से इलाज दौरान जिला अस्पताल में मौत हो गई। अस्पताल पुलिस चौकी से मिली जानकारी के अनुसार मृतक नंदकिशोर पिता ब्रजलाल पटले 44 वर्ष जो खेती-किसानी करता है। नंदकिशोर बुधवार की सुबह करीब 11 बजे अपने खेत में कीटनाशक का छिडकाव करने गया था, जो कीटनाशक का छिडक़ाव कर दोपहर करीब 2 बजे घर वापस लौटा। घर आने के कुछ देर बाद उसे चक्कर आने लगा व उसकी तबियत बिगड़ गई। जिसे परिजनों ने इलाज के लिये लामता अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया। परिजनों ने नंदकिशोर को जिला अस्पताल लाकर भर्ती कराया। जहां उपचार दौरान रात करीब 12.30 बजे कृषक ने दम तोड़ दिया। परिजनों को शव का पोस्टमार्टम कराने के लिये म.प्र शासन द्वारा ऑनलाईन प्रोसेस का नया नियम आज से लागू होने से घंटों परेशान होना पड़ा।
करीब चार घंटे तक पीएम के लिए करना पड़ा इंतजार
परिजनों ने बताया कि नंदकिशोर की मौत बुधवार रात करीब 12.30 हो गई थी। दूसरे दिन सुबह 9 बजे पोस्टमार्टम होना था। ड्यूटी डॉक्टर से पोस्टमार्टम कराने के लिए बोला गया, तो उन्होंने जब तक ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी नहीं होगी व ओटीपी नंबर नहीं मिलेगा, तब तक पोस्टमार्टम करने से मना कर दिया। इस तरह से उनहें करीब चार घंटे तक परेशान होना पड़ा। प्रक्रिया पूरी किए जाने के बाद गुरुवार की दोपहर करीब 12 बजे शव का पोस्टमार्टम करवाया गया। इस तरह अनावश्यक रूप से दोपहर 1.30 बजे परेशान होना पड़ा। उन्होंने कहा कि समय पर पोस्टमार्टम कार्यवाही किया जाना चाहिए। जिससे मृतक के परिजनों को परेशानी न हो। एक तो पहले से ही परिजन शोक में रहते है और उसके बावजूद इस तरह की कानूनी प्रक्रिया के चलते परेशान होना पड़ रहा है।
इनका कहना है
कोई भी एमएलसी या पुलिस से संबंधित कार्यवाही वाले प्रकरण जैसे मारपीट व पोस्टमार्टम प्रक्रिया में पुलिस एक सीसीटीएन नंबर जनरेट करके देते है। जिससे सीसीटीएन नंबर जिस डॉक्टर की आईडी में चढ़ेगा तो उससे उसकी आईडी ओपन होगी। तब डॉक्टर ऑनलाइन रिपोर्ट प्रस्तुत कर सकेगा। सभी प्रक्रिया अब ऑनलाइन हो गई है। मेडलेबल आईडी चालू हो जाने से यह फायदा होगा कि अब सारे रिकार्ड ऑनलाइन हो जाएंगे। इसके पूर्व ऑफलाइन प्रक्रिया के आधार पर कार्य किया जाता था।
-डॉ. निलय जैन, सिविल सर्जन, बालाघाट
