
दमोह। अब एमपी बोर्ड की पढ़ाई आसान नहीं रहने वाली है। इसमें नए बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। शुरुआत कक्षा 10वीं और 12वीं के बोर्ड परीक्षा से होने जा रही है। वर्तमान शैक्षणिक वर्ष की आगामी फरवरी 2026 में होने वाली बोर्ड परीक्षाओं से ही इस बदलाव को लागू किया जा रहा है। जिससे मप्र बोर्ड की परीक्षा के स्तर को राष्ट्रीय स्तर के बराबर लाया जा सके।
दरअसल, नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत सभी राज्यों के बोर्ड की परीक्षाओं का स्तर एक समान बनाने की दिशा पर जोर दिया जा रहा है। इसी कारण एनसीईआरटी की परख संस्था ने मप्र बोर्ड के स्कूलों का सर्वेक्षण किया था। जिसमें पाया गया कि एमपी बोर्ड की परीक्षाएं अन्य राज्य के बोर्ड की अपेक्षा अधिक सरल हैं। इसी वजह से 12वीं कक्षा के बाद दूसरे राज्यों के कॉलेज और यूनिवर्सिटी में पढऩे में मप्र के बच्चों को परेशानी होती है। हालांकि अभी इसे केवल बोर्ड परीक्षाओं में लागू किया जा रहा है, आगे इसके परिणाम सफल रहे तो अन्य कक्षाओं में भी लागू किया जाएगा।
अब इतने प्रतिशत आएंगे कठिन सवाल
माध्यमिक शिक्षा मंडल के अधिकारियों ने बताया कि, 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा में अब तक 15 प्रतिशत कठिन, 40 प्रतिशत सामान्य और 45 प्रतिशत सरल प्रश्न पूछे जाते थे। लेकिन अब इसमें बदलाव करते हुए कठिन प्रश्नों का प्रतिशत बढ़ाया गया है। एमपी बोर्ड की आगामी परीक्षा में 20 प्रतिशत कठिन, 40 प्रतिशत सामान्य और 40 प्रतिशत सरल प्रश्न पूछे जाएंगे। मास्टर ट्रेनर पवन द्विवेदी ने बताया कि, नई शिक्षा नीति के अनुसार शिक्षकों भी प्रश्न बनाने के लिए ट्रेनिंग दी जा रही है। जिससे बच्चों में रटने की प्रवृत्ति को कम करके सोचने की क्षमता का विकास किया जा सके।
तुक्के में नहीं दे पाएंगे नंबर, अच्छे से जांचने होगी कॉपी
माध्यमिक शिक्षा मंडल के अधिकारियों ने बताया कि, बोर्ड परीक्षा की कॉपियां को लेकर भी सख्ती बरती जाएगी। अब तक परीक्षक ज्यादा कॉपियां जांचने के चक्कर में उत्तर को थोड़ा पढक़र तुक्के में नंबर दे देते हैं। लेकिन इस बार से बोर्ड इन कॉपियों की दोबारा जांच कराएगा। यदि परीक्षक द्वारा लिखे गए उत्तर के अनुसार अंक नहीं दिए जाते या फिर सभी पृष्ठों के अंकों से सही जोड़ा नहीं गया तो परीक्षक के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। बता दें कि, दूसरी बार कॉपियों की जांच की जाएगी।
7 फरवरी से होगी बोर्ड परीक्षा
एमपी बोर्ड की परीक्षा का टाइम टेबल माध्यमिक शिक्षा मंडल ने जारी कर दिया है। इसके अनुसार वर्ष 2026 में कक्षा 12वीं की परीक्षाएं 7 फरवरी से 3 मार्च तक और कक्षा 10वीं की परीक्षाएं 11 फरवरी से 2 मार्च तक आयोजित होंगी। इस बार दोनों कक्षाओं की शुरुआत हिंदी विषय के पेपर से होगी। सभी लिखित परीक्षाएं सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक होंगी। परीक्षार्थियों को सुबह 8 बजे तक परीक्षा केंद्र पहुंचना अनिवार्य होगा, जबकि परीक्षा शुरू होने से 15 मिनट पहले प्रवेश द्वार बंद कर दिए जाएंगे। उत्तरपुस्तिका परीक्षा आरंभ होने से 10 मिनट पूर्व और प्रश्नपत्र 5 मिनट पहले वितरित किए जाएंगे। प्रैक्टिकल परीक्षाओं का आयोजन 10 फरवरी से 10 मार्च के बीच किया जाएगा।
