दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान 02 से 09 अक्टूबर तक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाए

दमोह :पशुपालन विभाग म.प्र. द्वारा चलाये जा रहे दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान के प्रथम चरण 02 से 09 अक्टूबर 2025 तक 10 या इससे ऊपर गाय/भैंस पालने वाले पशुपालकों के दुग्ध् समृद्धि संपर्क अभियान कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभाग के समस्त पशु चिकित्सकों, सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारियों एवं मैत्री कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया। बैठक में कलेक्टर श्री कोचर ने इस अभियान में पशुपालकों से बेहतर संवाद हेतु सरल, सहज एवं स्थांनीय भाषा का उपयोग करने पर जोर दिया जाये। उन्होंने कहा पशुपालकों को दुग्ध उत्पादन के माध्यम से आय बढ़ाने हेतु कृत्रिम गर्भाधान नस्ल सुधार कार्यक्रम उन्नत पशु पोषण पशुओं में टीकाकरण के महत्व के बारे पशुपालकों को जागरूक किया जाकर इस अभियान को सफल बनाने का मूल मंत्र दिया जाये।कलेक्टर श्री कोचर ने इस अभियान में लगे सभी कर्मियों को निर्देश दिये कि दमोह जिला पशुपालन एवं डेयरी विभाग मंत्री जी का गृह जिला भी है, इसलिए इस जिले को पूरे मध्यप्रदेश में उत्कृष्ट कार्य कर उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिये। मैत्री कार्यकर्ताओं को उत्साहवर्धन हेतु कलेक्टर ने घोषणा की कि जो भी कार्यकर्ता इस अभियान में अभिनव कार्य करेंगें उनको प्रथम, द्वितीय, तृतीय पुरूस्कार नगद राशि के रूप में प्रदाय की जायेगी।
कलेक्टर श्री कोचर ने निर्देश दिये की इस कार्य को सर्वे के रूप में नहीं करना है बल्कि निष्ठा और सत्यता से करना है ताकि वास्तविक उद्देश्य की पूर्ति हो सके जिससे पशुपालकों की दुग्ध उत्पादन क्षमता बढ़े एवं उनकी आय में वास्तविक वृद्धि हो। उन्होंने कहा पशुपालकों को पूर्व में फोन कर सूचित किया जाए, ताकि वे योजना का पूरा लाभ उठा सकें। कार्यवाही चेकलिस्ट ऐप के अनुसार की जाए। उन्होंने कहा प्रेरणादायी कार्य करें, ताकि आपका नाम राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे और अन्य लोग भी प्रेरित हों और नियंत्रण कक्ष (Control Room) स्थापित किया जाए। कार्यक्रम केवल औपचारिकता न रहे, बल्कि भावनात्मक जुड़ाव से पशुपालकों को वास्तविक लाभ मिले। अभियान का उद्देश्य स्पष्ट रूप से बताया जाए, ताकि पशुपालक भ्रमित न हों। यह सर्वे नहीं बल्कि संपर्क अभियान है।
बैठक में उपसंचालक पशुपालन एवं डेयरी जिला दमोह डॉ. बी.के.असाटी एवं कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. महेन्द्र पटेल ए.बी.पी.ओ. ने सभी मैत्री कार्यकर्ताओं से संवाद स्थापित कर उनके जिज्ञासा एवं प्रश्नों का समाधान किया ताकि कार्यक्रम को सफल बनाया जा सके।
