अंतरराज्यीय ऑनलाइन फ्रॉड गिरोह : एक आरोपी गिरफ्तार, एक फरार

बालाघाट। बालाघाट पुलिस की स्पेशल टीम ने अंतरराज्यीय ऑनलाइन फ्रॉड गिरोह के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। जबकि दूसरा आरोपी फरार हो गया है। फरार आरोपी की पुलिस तलाश कर रही है। गिरफ्तार आरोपी जावेद पिता कासम उम्र 30 वर्ष निवासी ग्राम खेड़ा थाना कैथवाड़ा जिला डीग राजस्थान शामिल है। जबकि आरोपी जावेद का भाई परवेज फरार हो गया है। आरोपियों ने बालाघाट कलेक्टर मृणाल मीना के नाम से फेसबुक पर फर्जी फेसबुक आइडी बनाकर लोगों से पैसों की डिमांड की थी। हालांकि, सतर्कता के चलते ठगों को किसी ने पैसे ट्रांसफर नहीं किए थे।
नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली सिंह ने बताया कि इस मामले में बालाघाट एसडीएम द्वारा एक लिखित शिकायत की गई थी। फ्रॉड गिरोह के सदस्यों ने कलेक्टर मृणाल मीना के नाम से फेसबुक पर फर्जी आइडी बनाई थी। इस फर्जी आइडी में कलेक्टर कार्यालय बालाघाट की फोटो का भी उपयोग किया गया था। शिकायत के आधार पर पुलिस ने दो टीमों का गठन किया, जिसमें सायबर सेल और स्पेशल टीम शामिल है। टीम ने उत्तरप्रदेश, राजस्थान और हरियाणा राज्य की सीमा में बसे मेवात जिले में दबिश दी। करीब 6 दिनों में 14 सौ किलोमीटर से अधिक दूरी तय की। 80 मोबाइल नंबरों और 30 से अधिक आइएमइआइ और बैंक खातों का विशलेषण किया। काफी प्रयासों के बाद तीन राज्यों के सीमावर्ती जिले डीग के ग्राम खेड़ा से गिरफ्तार किया गाय। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपी ने पूछताछ में अपने भाई परवेज के साथ घटना को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। आरोपी के कब्जे से एक मोबाइल भी जब्त किया गया है। जांच के दौरान यह बात भी सामने आई कि यह गिरोह देश के अन्य राज्यों में भी इसी प्रकार की ऑनलाइन फ्रॉड की वारदातों को अंजाम दे चुका है।
ऐसे देते थे वारदात को अंजाम
आरोपी इंटरनेट और सोशल मीडिया का उपयोग कर किसी व्यक्ति का नाम और फोटो लेकर उसकी नकल या फर्जी आइडी बनाते है। इस फर्जी आइडी से जुड़े लोगों को मैसेज या कॉल करके विभिन्न प्रकार के झांसे में डालकर पैसे बुलवाए जाते हैं। आरोपियों द्वारा इस कार्य को अंजाम देने के लिए नकली सिम कार्ड, फर्जी मोबाइल और फर्जी बैंक खाता का इस्तेमाल किया जाता है। ताकि उन्हें पुलिस ट्रेस न कर पाएं।
सायबर अपराध का गढ़ बन रहा है खेड़ा गांव
सीएसपी ने बताया कि राजस्थान राज्य का खेड़ा गांव एक तो तीन राज्यों की सीमाओं पर बसा हुआ है। यह गांव अब सायबर अपराध का गढ़ बनते जा रहा है। गांव की आबादी बमुश्किल 15 सौ है। लेकिन यहां पर 95 प्रतिशत युवा सायबर अपराध को अंजाम देते हैं। उन्होंने बताया कि खेड़ा गांव से आरोपी को गिरफ्तार करने में पुलिस को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। राजस्थान पुलिस के सहयोग से ही आरोपी को गिरफ्तार करना संभव हो पाया है।
