
तीन आंगनवाड़ी पर्यवेक्षकों पर भी गिरी गाज, लोकायुक्त ने की थी कार्रवाई
छिंदवाड़ा। जुन्नारदेव की महिला बाल विकास परियोजना अधिकारी सीमा पटेल पर जिला प्रशासन ने एक्शन लेते हुए उन्हें निलंबित कर दिया है। कलेक्टर हरेंद्र नारायण ने लोकायुक्त की कार्रवाई के बाद यह एक्शन लिया है जिसमें महिला बाल विकास जुन्नारदेव परियोजना अधिकारी सीमा पटेल को निलंबित करते हुए उनका मुख्यालय जबलपुर प्रस्तावित किया गया है। इसके साथ ही सीमा पटेल के साथ रिश्वत कांड में फसी तीन अन्य महिला पर्यवेक्षक बिंदू माहोरे, आरती आम्रवंशी और लक्ष्मी पंडोले पर भी कलेक्टर हरेंद्र नारायण ने निलंबन की कार्रवाई की है। गौरतलब है कि पिछले दिनों जुन्नारदेव में महिला बाल विकास अधिकारी सीमा पटेल सहित तीन महिला पर्यवेक्षक को लोकायुक्त ने 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा था आरोपी सीमा पटेल सहित अन्य पर्यवेक्षक द्वारा उमरघोड़ ने वरीयता के आधार पर आंगनवाड़ी सहायिका के पद चयनित आवेदिका पूजा उइके से 50 हजार रुपए इनाम के रूप में रिश्वत मांगी जा रही थी। इसकी पहली किश्त जब आवेदिका देने पहुंची तो सभी को इस मामले में लोकायुक्त ने धर दबोचा था।
विवादित रह चुकी है सीमा पटेल
जुन्नारदेव में परियोजना अधिकारी सीमा पटेल का विवादों से गहरा नाता रहा है इसके पहले भी उनके खिलाफ आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने जबरन वसूली करने की शिकायत को लेकर मोर्चा खोला था लेकिन रसूखदार परियोजना अधिकारी सीमा पटेल को उस वक्त तत्कालीन जांच अधिकारियों ने क्लीन चिट दे दी थी लेकिन इस बार वह लोकायुक्त के हत्थे चढ़ गई।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं को भी देना होता है टैक्स
महिला बाल विकास विभाग में भ्रष्टाचार का खेल काफी लंबे समय से चल रहा है आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं से विभागीय टीम द्वारा निरीक्षण के नाम पर बड़ी वसूली की जाती है भ्रष्टाचार के इस खेल में विभाग प्रमुख अधिकारी की संलिप्तता से भी इंकार नहीं किया जा सकता है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की भर्ती में भी जिलेभर में जिनकी नियुक्ति हुई है उनसे एक लाख रुपए लिए जाने की खबरें लगातार सामने आती रही है।
