
पटना। शुक्रवार को एनडीए ने अपना संकल्प पत्र जारी किया है और प्रमुख चेहरे के रूप में नीतीश कुमार को नकार दिया। महागठबंधन का संकल्पपत्र तेजस्वी ने पढ़ा और एनडीए का संकल्प पत्र सम्राट चौधरी ने। इस संकल्प पत्र के लिए हम कहते हैं कि एनडीए के नेता जब झूठ बोलते हैं, तो आवाज भारी रखते हैं, और फिर अगले झूठ की तैयारी रखते हैं। यह कहना है राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का। शुक्रवार को बिहार प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय, सदाकत आश्रम, पटना में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने यह तंज कसा। अशोक गहलोत ने एनडीए के संकल्प पत्र को सत्यानाशी संकल्प पत्र करार देते हुए कहा-
- भाजपा जेडीयू की सरकार ने संकल्प लेकर बिहार का सत्यानाश किया है!
- 20 साल जिन्होंने झूठ परोसा अब बिहार को नहीं उन पर भरोसा!
- पहले 20 सालों का हिसाब दो फिर नए झूठ की किताब दो!
- हम 20 साल में एनडीए ने बिहार को कैसे बर्बाद किया इसकी कहानी बताते हैं, ख़ुद मोदी सरकार, अमित शाह, कैग और बिहार एनडीए सरकार की जुबानी, बिहार के विनाश काल की कहानी।
- आज संकल्प पत्र की घोषणा कैसे झूठ का पुलिंदा है, यह साबित करेंगे।
- आज एनडीए का संकल्प पत्र देखकर समझ आया कि महागठबंधन के घोषणापत्र की नकल तो की गई, पर नकल में अकल नहीं लगाई।
उन्होंने कहा कि 1 करोड़ नौकरियां दी जाएंगी, 50 लाख करोड़ का निवेश होगा, औद्योगिक विकास होगा, महिलाओं का सशक्तीकरण होगा, किसानों को समर्थन मूल्य की गारंटी दी जाएगी, स्कूलों को आधुनिक किया जाएगा, पिछले 20 साल से एनडीए यही सब झूठ परोस रहा है। आइए सिलसिलेवार इस झूठ का पर्दाफाश करते हैं।
1) एनडीए सरकार ने बिहार के पिछड़ों दलितों अल्पसंख्यकों आदिवासियों किसानों को गरीबी की आग में झोंक दिया। बिहार के 64 प्रतिशत लोग मात्र 67 रुपया रोज पर जिंदा है। युवाओं को रोजगार के नाम पर लाठी चार्ज मिलता है , महिलाओं सुरक्षा के नाम पर अपराध दिया जाता है, उद्योगपतियों को कारोबार के नाम पर हत्या दी जाती है। आज हम जो सच का आईना दिखा रहे हैं, वह मोदी जी, अमित शाह जी, कैग और एनडीए सरकार की रिपोर्ट पर आधारित है।
2) 70 हज़ार करोड़ का घोटाला कैग की रिपोर्ट में सामने आया।
3) कैग ने बताया कि पिछले 5 साल में एनडीए सरकार ने 3,59,000 करोड़ की बजट की राशि खर्च ही नहीं की।
4) पिछले 6 महीने में 11 उद्योगपतियों की हत्या कर दी गई।
5) अमित शाह ने कहा कि बिहार में जमीन नहीं है, इसलिए औद्योगिक विकास नहीं हो सकता और आज औद्योगिक विकास और लाखों करोड़ के निवेश का झूठ परोस रहे हैं। - संकल्प पत्र में 1 करोड़ रोजगार और आधुनिक शिक्षा का झूठ
1) रोजगार देंगे- बेरोजगारों को रोजगार मांगने पर लाठी चार्ज दिया जाता है।
2) शिक्षा देंगे- भर्ती प्रवेश परीक्षा के पेपर लीक कराते है डिग्री भी बेची जाती है ।
3) 3 करोड़ 18 लाख नौजवानों ने बिहार से एनडीए शासन में पलायन किया वो मजदूरी करने पर मजबूर है।
4) बिहार का स्कूल का ड्राप आउट रेट देश में सबसे ज़्यादा प्राइमरी और अपर प्राइमरी 25 प्रतिशत और 26 प्रतिशत।
5) उच्च शिक्षा ग्रॉस एनरोलमेंट रेशो सिर्फ़ 17 प्रतिशत अर्थात् 18 से 23 साल के एक करोड़ से ज़्यादा नौजवान उच्च शिक्षा से वंचित।
6) संकल्प पत्र में आधुनिक शिक्षा की बात करते हैं, जबकि बिहार के 16,000 से अधिक सरकारी स्कूलों में बिजली का कनेक्शन तक नहीं है और 86 प्रतिशत स्कूलों में कंप्यूटर की व्यवस्था नहीं है।
7) शिक्षा देंगे- शिक्षा के नाम पर पेपर लीक और डिग्री भी बेची जाती है। - महिला सशक्तीकरण की बात कही गई
- माइक्रो फाइनेंस माफिया ने बिहार की महिलाओं को लूट लिया है। एक करोड़ नौ लाख महिलाओं पर औसत 30 हज़ार का कर्ज है, वो हर साल सिर्फ़ ब्याज के रूप में 30 हज़ार रुपए चुकाती हैं।
- महिलाओं के लिए भय का वातावरण- बिहार में रोज 55 महिला अपराध हो रहे हैं, 35 महिलाओं के अपहरण हो रहे हैं, 8 हत्याएं हो रही हैं, 136 जघन्य अपराध हो रहे हैं, लगभग 1,000 अपराध रोज घटित हो रहे हैं। बिहार की महिलाओं में भय व्याप्त है।
- समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी का झूठा संकल्प
शर्मनाक बात है कि भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में किसानों को 8 रुपया प्रतिदिन अतिरिक्त देने की बात कही है, अर्थात् 3,000 रूपये साल। एनडीए सरकार ने खेती की लागत 30,000 रुपया हेक्टेयर बढ़ा दी है।
समर्थन मूल्य के कानून की बात करते हैं, मगर ख़ुद केंद्र सरकार ने बताया कि बिहार सरकार ने लागत के आधार पर समर्थन मूल्य की सिफारिश देना ही बंद कर दिया है। बिहार में गेहूं का उत्पादन 75 लाख टन होता है, और समर्थन मूल्य पर खरीदी 0.10 लाख टन (2024-25)। धान का उत्पादन 75 लाख टन और खरीदी 25 लाख टन।
मोटा अनाज तो खरीदा ही नहीं जाता।
बेरोजगारी का संकल्प, अपराध का संकल्प, भ्रष्टाचार का संकल्प
यही है एनडीए का टायर्ड और रिटायर्ड मैनिफेस्टो की हकीकत।
