

दमोह ! स्थानीय प्यासी मंदिर से भव्य कलश यात्रा का मुख्य कलश पूजन वरिष्ठ गायत्री परिजन एवं मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ रामकृष्ण कुसमरिया द्वारा किया गया।कलशयात्रा के प्रारंभ में ग्वालों की टोली नृत्य करते हुए आगे चल रही थी।
घुड़सवारो के रूप में देवी अहिल्या, रानी लक्ष्मी बाई, रानी दुर्गावती, रानी अवंती बाय नारी शक्ति का प्रदर्शन करते हुए नेतृत्व करती हुए चल रही थी।
पूर्व विधायक अजय टंडन, डॉ रामकृष्ण कुसमरिया,भाव सिंह लोधी ,पंकज हर्ष श्रीवास्तव देवेंद्र बौहरे, किशन घी वाला सहित अनेक गणमान्य नागरिक नगर के लोगों को यज्ञ के लिए आमंत्रित करते हुए चल रहे थे।
रथ में भगवा। राम दरबार की सुंदर झांकी, शांतिकुंज से आया शताब्दी रथ जिसमें सुसज्जित भव्य कलश,
हजारों की संख्या में पीत वस्त्रधारी महिलाएं, युवतियां,सुंदर कलश सिर पर धारण करके चल रही थी। साथ में सागर, गढ़ाकोटा, रहली, हिंडोरिया, बटियागढ़, नोहटा, हिंडोरिया सहित जिले भर के भाई बहिनें गगन भेदी समाज सुधार के नारे और गीत गाते चल रहे थे ।
महाकाल की नगरी उज्जैन से डमरू नृत्य करने वाले युवाओं की टोली, और भगवान भोलेनाथ ,माता पार्वती विशाल नंदी पर सवार जन आकर्षण और श्रद्धा के केंद्र बने हुए थे
अनेक बैंड बाजों की पार्टियां,नगर भर में मंगल ध्वनि करते हुए चल रहे थे ।
पूरे मार्ग में जगह जगह श्रद्धालुओं ने फल, मीठा, प्रसाद, एवं फूलों से कलश यात्रा का स्वागत कर कलश यात्रा वालों का मन मोह लिया। कलश यात्रा का समापन बड़ी देवी मंदिर में स्थित भव्य यज्ञशाला में हुआ। शांतिकुंज से पधारी टोली के प्रमुख पंडित राजकुमार भृगु ने अपने उद्बोधन में इस भव्य कलश यात्रा को दिव्य बताते हुए भागीदारी करने वालों के भाग्य की सराहना करते हुए तीन दिवसीय आयोजन में सभी को भाग लेने की अपील की।
