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प्रिटिंग का काम सीखा, फिर बेस्ट क्वालिटी की प्रिटिंग के लिए जर्मन राइटर्स की किताबें पढ़ीकम्पयूटर, प्रिंटर, स्कैनर सहित 30 लाख करेंसी तैयार करने का सामान जप्त
भोपाल। पिपलानी पुलिस ने मूल रुप से यूपी के रहने वाले 10वीं पास एक ऐसे शातिर युवक को गिरफ्तार किया है, जिसने जल्द पैसा कमाने की लालच में अपने किराये के घर में ही नकली नोट छापना शुरु कर दिये। इसके लिये आरोपी ने पहले न सिर्फ प्रिटिंग प्रेस में जाकर प्रिंटिक का काम सीखा बल्कि बेस्ट क्वालिटी की प्रिटिंग के लिए जर्मन राइटर्स की किताबें भी पढ़ी। इसके बाद प्रिंटिंग प्रेस में काम करने के अनुभव का इस्तेमाल कर उसने घर में प्रिटिंग का सारा सामान जमा कर पॉच-पॉच सौ के नकली नोट तैयार करना शुरु कर दिये। पुलिस ने उसके पास से 2 लाख 25 हजार के जाली नोट और नोट बनाने का सामान बरामद किया है। थाना पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार बीते दिन शुक्रवार शाम करीब 4 बजे टीम को सूचना मिली कि एक युवक शान्तिनगर निजामुद्दीन के पास नकली नोट लेकर उन्हें चलाने की फिराक में घूम रहा है। सूचना मिलते ही टीम ने घेराबंदी कर आरोपी विवेक यादव पिता मनोज यादव (21) निवासी मन ए-12 कोरल लाईफ फेस-2 मुरली नगर करोद थाना निशातपुरा भोपाल, स्थाई निवासी ग्राम जमुआ धरमेर थाना मईल जिला देवरिया (उ.प्र.) को घेरांबदी कर पकड़ लिया। उसकी तलाशी लेने पर उसके पास 500-500 रूपए के 23 नकली नोट मिले जो हु-बहू नकली नोटो की तरह नजर आ रहे थे। उसके मोबाईल को चेक करने पर मोबाईल मे नकली नोट बनाने के सामान के संबध मे जानकारी मिली। पुलिस टीम ने उससे नकली नोट बनाने के संबध में पूछताछ की तब उसने बताया की यह नकली नोट वह घर ही तैयार करता है। और उसकी योजना 500 रूपए नकली नोट से बाजार मे कम कीमत का सामान खरीदकर असली रकम कमाने की थी। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने उसके किराए के मकान मुरली नगर से सवा दो लाख के 500 रुपए के नकली नोट सहित जाली करेसीं बनाने का सामान कम्प्यूटर, प्रिन्टर, पचंमशीन, नोट बनाने की डाई, गोंद, स्क्रीन प्लेट कटर, बाईवल कागज, पेसिल, स्केल, लाईट वाक्स, एय होट स्टपिग फोईल सहित नोट बनाने के कागज जप्त किये है। बताया गया है आरोपी से नकली नोट बनाने का इतना रॉ मटेरियल जप्त किया गया है, जिससे वह लगभग 30 लाख से ज्यादा के जाली नोट छाप सकता था।

इस तरह छापता था नकली नोट
पुलिस पूछताछ में आरोपी विवेक ने बताया की नकली नोट छापने की योजना के मुताबिक उसने पहले प्रिंटिंग प्रेस में काम किया था, वहॉ से डिजाइनिंग और प्रिंटिंग का अनुभव आने के बाद उसने घर में ही सामान जुटाकर जाली नोट छापना शुरु कर दिये थे। उसने जाली नोट तैयार करने का सामान ऑनलाइन खरीदा था। नकली नोट बनाने के कागज मंगाकर वह उन कागजों को पहले ब्लेड से काट लेता और फिर पेंसिल से मार्किंग करके तथा दूसरे कागज पर आरबीआई भारत की पट्टी चिपका देता था। इसके बाद दोनो कागजों को चिपकाकर एक साथ जोडकर पेपर की कटिंग करता फिर प्रिंटर से प्रिंट निकालकर नोट के आकार मे उन्हें काट लेता था। इस नोट की बाहरी चीजें जैसे 500 रू एवं वाटर मार्किंग कर वह नकली नोट तैयार करता था। फिलहाल पुलिस आरोपी से यह जानकारी जुटा रही है, कि वह कितने समय से जाली नोट छाप रहा था, और अब तक कितने नकली नोट बाजार में खपा चुका हैं। हालांकि सूत्रो के मुताबिक आरोपी विवेक बीते एक साल से जाली करेंसी तैयार कर रहा था, और लाखो के नकली नोट बाजार में खपा चुका है।

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