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नगरपालिकाओं और नगर परिषदों में बैठक को लेकर विभाग का सख्त रूख
भोपाल । प्रदेश के नगर निगमों, नगरपालिकाओं और नगर परिषदों में मेयर इन काउंसिल (एमआईसी) और प्रेसिडेंट इन काउंसिल की बैठकों को लेकर राज्य शासन ने कड़ा रुख अपनाया है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने दो टूक कह दिया है कि एमआईसी व पीआईसी की बैठकें तय समयसीमा में अनिवार्य रूप से कराएं। ऐसा नहीं करने पर एक्शन लिया जाएगा। बता दें कि बैठकें समय पर नहीं आने की शिकायतें आ रही थीं।
विभाग ने साफ कर दिया है कि बैठकें समय पर हों और शहर के विकास से संबंधित कोई मसला बैठक न होने की स्थिति में 10 दिन से अधिक पेंडिंग न रहे। मध्यप्रदेश नगर निगम अधिनियम 1956 की धारा 37 में नगर निगमों में मेयर इन काउंसिल का प्रावधान है और नगरपालिका व नगर परिषद में प्रेसिडेंट इन काउंसिल के गठन का प्रावधान मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 70 में है। सभी आयुक्त नगर निगम और सीएमओ नगरपालिका, नगर परिषद को दिए निर्देश में कहा गया है कि मेयर इन काउंसिल और प्रेसिडेंट इन काउंसिल की बैठक कभी भी हो सकती है, बैठक ऐसे समय को ध्यान में रखकर होनी चाहिए कि कोई भी प्रकरण दस दिन से अधिक समय तक पेंडिंग न रहे।
शिकायत के बाद सरकार ने लिया संज्ञान
नगरीय विकास और आवास विभाग के अपर आयुक्त दिव्यांक सिंह ने निर्देश में कहा है कि शासन के संज्ञान में आया है कि एमआईसी और पीआईसी की बैठक नियमित तौर पर नहीं हो रही हैं। इसके चलते विकास कार्यों पर असर पड़ रहा है। जन कल्याण के कार्य भी समय पर नहीं होने से लोगों को दिक्कत होती है। इसलिए सभी अधिकारी ध्यान देकर एमआईसी और पीआईसी की बैठक नियमानुसार तय समय सीमा में बुलाएं और विकास कार्यों में तेजी लाने के फैसले लें। इसका पालन न करने पर कार्यवाही की जाएगी।
इसलिए जारी किए गए निर्देश
दरअसल एक माह पहले प्रदेश के नगर निगमों के महापौरों, निगमायुक्तों और नगरपालिका व नगर परिषदों के अध्यक्षों, सीएमओ की मीटिंग नगरीय विकास विभाग के मंंत्री कैलाश विजयवर्गीय की मौजूदगी में हुई थी। इस मीटिंग में कहा गया था कि निगम आयुक्त, महापौर, नपा अध्यक्ष और सीएमओ के बीच आपस में तो मीटिंग और डिस्कशन हो जाते हैं, लेकिन एमआईसी और पीआईसी की बैठक नहीं होती। इसके चलते विकास और निर्माण कार्यों में एमआईसी और पीआईसी मेंबर्स की भागीदारी सामने नहीं आ पाती। इस पर मंत्री विजयवर्गीय ने इस मामले को गंभीरता से लेकर निर्देश जारी करने को कहा था जिसके बाद नगरीय विकास और आवास विभाग ने एमआईसी और पीआईसी बैठक तय समय पर करने के लिए निर्देशित किया।

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