
:: इंदौर, मंदसौर और खरगोन में स्थित 28 अचल संपत्तियाँ मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम के तहत अटैच ::
नई दिल्ली/इंदौर । प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मध्य प्रदेश में कथित फर्जी शराब चालान घोटाले के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए ₹70 करोड़ मूल्य की अचल संपत्तियाँ ज़ब्त की हैं। केंद्रीय जाँच एजेंसी ने बताया कि मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम के तहत यह अनंतिम आदेश जारी किया गया है।
ईडी ने एक बयान में कहा कि मध्य प्रदेश के इंदौर, मंदसौर और खरगोन जिलों में स्थित कुल 28 अचल संपत्तियों को अटैच किया गया है, जिनका वर्तमान बाजार मूल्य ₹70 करोड़ है। यह मामला राज्य के कुछ शराब ठेकेदारों द्वारा इस्तेमाल किए गए एक विशेष तरीके (Modus Operandi) से संबंधित है, जिसने राज्य के राजकोष को भारी नुकसान पहुँचाते हुए शराब ठेकेदारों को अवैध लाभ कमाने में मदद की।
:: चालान में हेराफेरी का तरीका ::
ईडी के अनुसार, इस धोखाधड़ी वाली योजना में आरोपी शराब ठेकेदारों ने शुरुआत में मामूली राशि के चालान बैंक में जमा किए, लेकिन चालान के शब्दों में राशि वाले खंड को जानबूझकर खाली छोड़ दिया।
जमा करने के बाद, उन्होंने धोखाधड़ी करके चालान की प्रति में अंकों और शब्दों दोनों में बढ़ी हुई राशि भर दी। एजेंसी ने आरोप लगाया कि इन हेरफेर की गई चालान प्रतियों को बाद में उत्पाद शुल्क, मूल लाइसेंस शुल्क या न्यूनतम गारंटी प्रतिबद्धताओं के भुगतान के झूठे प्रमाण के रूप में संबंधित कार्यालयों में प्रस्तुत किया गया। इन्हीं जाली दस्तावेजों के आधार पर, आरोपियों ने अवैध अनापत्ति प्रमाण पत्र और शराब लाइसेंस अनुमोदन प्राप्त किए, जिससे मध्य प्रदेश सरकार को धोखाधड़ी से चूना लगाया गया।
ईडी ने बताया कि इस मामले में अब तक दो लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और इस जाँच की जड़ इंदौर पुलिस (रावजी पुलिस स्टेशन) में दर्ज एक एफआईआर से जुड़ी है।
