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विभाग में 2024 25 में हुई थी घटिया सामग्री की खरीदी

दमोह ! जिले के आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा छात्रावासो में 46 लाख रुपए की खरीदी में गड़बड़ी के मामले में सागर संभाग के आयुक्त ने दमोह के कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर के प्रतिवेदन पर डिप्टी कलेक्टर बृजेश सिंह को सस्पेंड कर दिया था अब बाद अब तत्कालीन जिला संयोजक आदिम जाति विभाग रिया जैन और लेखापाल महेंद्र अहिरवार को भी सस्पेंड कर दिया गया है ! दोनों अफसरों पर आरोप है की असली सामग्री के स्थान पर राशि खर्च कर दी और हॉस्टलों में घटिया किस्म की सामग्री खरीद कर कर भिजवा दी गई थी यह गड़बड़ी एडीएम की जांच प्रक्रिया के दौरान और नियम विरुद्ध भुगतान व रिकॉर्ड में हेरा फेरी स्पष्ट रूप से प्रमाणित हुई है फिलहाल इस मामले की क्रय समिति में शामिल जिला पंचायत सीईओ, अतिरिक्त महाप्रबंधक जिला उद्योग एवं व्यापार केंद्र , जिला सूचना विज्ञान अधिकारी राष्ट्रीय सूचना केंद्र के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं हो पाई है !

मामला वर्ष 2024 -25 में हरिजन छात्रावासों के लिए क्रय गई सामग्री से जुड़ा है विभाग में जैम पोर्टल के माध्यम से घटिया क्वालिटी के किट,स्टेशनरी, बर्तन, गर्म कपड़े और दैनिक उपयोग से जुड़ी काफी सामग्री खरीदी थी ! वहीं जांच में सामने आया की खरीदी में शामिल अधिकारियों ने मूल्यांकन प्रक्रिया को दरकिनार कर सामान की वास्तविक मात्रा और गुणवत्ता का सत्यापन किए बिना ही भुगतान जारी कर दिया गया था जिन वस्तुओं के जिन सामग्रियों के बल विभाग को प्रस्तुत किए गए उनमें से कई वस्तुओं की आपूर्ति वास्तविकता में छात्रावासों तक पहुंची ही नहीं थी इसमें खरीदी करने की अनुमति से लेकर सप्लाई करने वालों के बीच सांठगांठ की चर्चा पिछले 6 महीने से कलेक्ट्रेट परिसर में चल रही थी कलेक्टर ने इन गंभीर शिकायतों को देखते हुए एडीएम मीना मसराम के नेतृत्व में जांच कराई जांच रिपोर्ट में यह पाया गया की खरीदी की पूरी प्रक्रिया डिप्टी कलेक्टर ब्रजेश सिंह की निगरानी में संचालित हुई !

संयोजक स्तर पर सत्यापन और प्रमाणीकरण की जिम्मेदारी थी जैसे निभाया नहीं गया वहीं लेखपाल महेंद्र अहिरवार ने भुगतान किया था वही इस मामले में जांच रिपोर्ट आने के बाद कलेक्टर दमोह ने सागर संभाग आयुक्त को प्रतिवेदन भेजते हुए कहा था कि तीनों अधिकारियों की भूमिका घोटाले में सीधे तौर पर जिम्मेदार पाई गई है और उनके विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए वहीं इस मामले में विभागीय जांच के भी आदेश जारी किए हैं !

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