
लालच में प्रापर्टी ब्रोकर बन गया उनका शिकार
इन्दौर। एक प्रापर्टी ब्रोकर का काम करने वाले युवक के साथ पचपन लाख की ठगी करने वाले दो साइबर ठगोरो को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। राज्य साइबर सेल के अनुसार ठगोरो ने युवक को क्रिफ्टो करंसी में राशि दोगुना होने का लालच दे इन्वेस्टमेंट कराकर यह ठगी की। ठगाए प्रापर्टी ब्रोकर का नाम हितेश प्रधान निवासी इंदौर है उसने सायबर पुलिस को अपने साथ हुई पचपन लाख की इस ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी जिस पर कार्रवाई करते पुलिस ने मुर्तजा शेफी पिता सैफूद्दीन शेफी उम्र अड़तालीस साल निवासी बादशाह हेरिटेज 784 खातीवाला टैंक इंदौर और ताहिर महूवाला पिता अमिरुद्दीन महूवाला उम्र बावीस साल निवासी केट रोड राउ इंदौर को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में बताया जा रहा है कि प्रापर्टी ब्रोकर का काम करने वाले हितेश प्रधान को एक प्रॉपर्टी की डीलिंग में बड़ी राशि कमीशन के रूप में मिली थी जिससे वह टोयटा फॉर्च्यूनर कार खरीदना चाहता था लेकिन आरोपियों ने राशि दुगना करने का झांसा दिया और अमेरिकी क्रिप्टोकरंसी में इन्वेस्टमेंट करा उसके साथ लाखों रूपए की ठगी की। जिसकी शिकायत हितेश ने साइबर सेल में दर्ज कराई थी। शिकायत में हितेश ने बताया था कि आरोपियों ने उससे पहले 55 लाख रूपए नकद लेकर उस राशि से 65000 यूएसडीटी ( (यूनाइटेड स्टेट्स डिजिटल तिथर करेंसी) के क्रिप्टो करेंसी खरीदवाए और उसे उसका एक ट्रस्ट वॉलेट बनवा उसमें ट्रांसफर करवा दिए। ट्रस्ट वॉलेट एक मोबाइल ऐप है, जिसे मोबाइल में डाउनलोड करवाने के बाद क्रिप्टो करेंसी को खरीदने और बेचने के साथ ही स्टोर भी किया जा सकता है। हितेश को ऐप डाउनलोड करवाने के बाद आरोपियों ने उसे यूएसडीटी को ऑथेंटिकेट के नाम पर एक लिंक भेजकर उस पर ऑथेंटिकेट करने के लिए बोला। जैसे ही हितेश ने ऑथेंटिकेट करने के लिए लिंक पर क्लिक किया उसके ट्रस्ट वॉलेट से पूरे 65000 यूएसडीटी दूसरे वॉलेट पर ट्रांसफर हो गई। तब उसे अपने साथ हुई ठगी का पता लगा और उसने शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद राज्य साइबर सेल ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके वाट्सऐप चेट, वारदात में इस्तेमाल मोबाइल और सिम आदि जब्त कर लिए है। आरोपियों से प्रारंभिक पूछताछ में टीम को पता चला है कि ये दोनों शातिर ठगोरे नकद राशि हासिल कर अपना कमीशन काट कर यूएसडीटी ट्रांसफर करवाते थे।
