
इन्दौर। सुप्रीम कोर्ट द्वारा याचिका खारिज करते हाइकोर्ट के फैसले को सही ठहराने के बाद सेंट्रल जीएसटी एंड एक्साइज कमिश्नरेट इंदौर ने गुटखा कारोबारी किशोर वाधवानी सहित अन्य को टैक्स डिमांड नोटिस जारी किया है। सीजीएसटी द्वारा जारी 2002 करोड़ के ये डिमांड नोटिस सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई के चलते अटके हुए थे जिन्हें अब विभाग ने जारी कर दिया है। विभाग ने ये टैक्स डिमांड नोटिस गुटका कारोबारी किशोर वाधवानी, एलोरा टोबेको, दबंग दुनिया पब्लिकेशन, श्याम खेमानी, अनमोल मिश्रा, धर्मेंद्र पीठादिया, राजू गर्ग, मे. शिमला इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड, देवेंद्र द्विवेदी, विनायका फिल्टर्ड प्रा. लि और विनोद बिदासरिया, रमेश परिहार, टीएएन इंटरप्राइजेस, एसआर ट्रेडिंग, निश्का इंटरप्राइजेज, मे. इंक फ्रूट और मे. एमएन इंटरप्राइजेस, मे. रानी प्रेस प्रा.लि, जौहर हसन, एनजी ग्राफिक्स एंड ब्लॉक मेकर्स को जारी किए है। विभाग द्वारा 2020 में बड़े स्तर पर छापामार कार्रवाई की थी। इसके बाद 6 दिसंबर को ये टैक्स डिमांड नोटिस जारी किये गये है। 2002 करोड़ के जारी इन टैक्स डिमांड नोटिस में 75.67 करोड़ रुपए की एक्साइज ड्यूटी भी लगाई गई है। मामले में बताया जा रहा है कि यह टैक्स चोरी जुलाई 2017 से 10 जून 2020 के बीच की गई है। जून 2020 में इन सभी ग्रुप पर छापे मारे गए थे। जिनमें विभाग ने पाया था कि 1 जुलाई 2017 से 17 जुलाई 2017 तक टैक्स चोरी- 24.08 करोड़ रुपए। 18 जुलाई 2017 से 6 जुलाई 2019 तक टैक्स चोरी- 1345.73 करोड़ रुपए। 19 जुलाई 2019 से 1 फरवरी 2020 तक टैक्स चोरी-418.78 करोड़ की रुपए। तथा 2 फरवरी 2020 से 10 जून 2020 तक टैक्स चोरी- 157.63 करोड़ रुपए। इस तरह कुल 1946.23 करोड़ की टैक्स चोरी एवं 76.67 करोड़ की एक्साइज ड्यूटी चोरी- कुल 2002 करोड़ की टैक्स चोरी।
बता दें कि इसके खिलाफ गुटका कारोबारी किशोर वाधवानी और एलोरा ग्रुप हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक गया था। जिसमें हाइकोर्ट ने उसे बेवजह केस अटकाने की कोशिश कह लताड़ लगाते दो लाख की पेनल्टी भी लगाई थी। इसके खिलाफ वो सुप्रीम कोर्ट गया था जहां दो दिसंबर 2025 को यह केस खारिज करते हाईकोर्ट इंदौर के फैसले को सही बताया।
