
कई चौंकाने वालें खुलासों से हड़कंप
जबलपुर। टोल घोटाला, निवेश के नाम पर ठगी सहित धोखाधड़ी के कई मामलों में तीन सालों से फरार अमित खम्परिया की पुलिस रिमांड आज खत्म हो रही है| पुलिस ने तीन दिनों में उससे पूछताछ में कई राज उगलवाएं हैं| जिसके आधार पर सतना में दबिश देकर टीम लौट आई है कुछ दस्तावेज और बंदूक सतना से जब्त की गई है। पुलिस आज अमित खम्परिया को न्यायालय में पेश कर रिमांड बढ़ाने का आवेदन भी दे सकती है|
अब तक की पूछताछ में मिली जानकारी के अनुसार पुलिस ने उसके तमाम ठिकानों की बारीकी से जांच पड़ताली की, इस दौरान पुलिस को कई संभावित डिजिटल दस्तावेज़, लेजर, फाइलें, यूएसबी डिवाइस, और ऐसे रिकॉर्ड मिले हैं जिनसे वसूली और हवाला कनेक्शनों की पुष्टि होने की उम्मीद है। सूत्रों का कहना है कि ऑफिस में मिले दस्तावेज़ों में फर्जी कंपनियों, उधार देने के नाम पर लोगों को फंसाने के मॉड्यूल और टोल कलेक्शन संबंधित कई संदिग्ध लेन-देन के रजिस्टर शामिल हैं। पुलिस टीम ने ऑफिस से बरामद कंप्यूटर हार्ड डिस्क और मोबाइल डेटा भी कब्जे में लिया है।
सतना में दबिश, घर से मिली बंदूक……
सबसे बड़ा खुलासा तब हुआ जब पुलिस की दूसरी टीम सतना स्थित उसके घर पहुंची। रिमांड में खम्परिया की स्वीकारोक्ति और मिले इनपुट्स के आधार पर टीम ने घर की तलाशी ली, जहां से एक बंदूक बरामद की गई। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि यह हथियार कानूनी रूप से वैध था या नहीं और इसका इस्तेमाल किस-किस गतिविधियों में किया गया।
बरामद सामानों की होगी फॉरेंसिक जांच………..
सूत्रों के अनुसार घर से कई लाख के दस्तावेज़, सोने-चांदी के आभूषण, संदिग्ध नोटबुक, सीसीटीवी डीवीआर और कुछ मुहरबंद पैकेट भी मिले हैं। इन पैकेटों में क्या है, इसका खुलासा फॉरेंसिक जांच के बाद होगा।
पार्टनर्स और एजेंटों की बन रही सूची-……….
पुलिस पूछताछ में खम्परिया ने स्वीकार किया है कि उसके पास फर्जी पहचान पत्रों का पूरा नेटवर्क, हवाला चैनलों के कनेक्शन और कई जिलों में ‘कलेक्शन पॉइंट’ चलते थे। पुलिस अब यह जांच रही है कि ऑफिस से मिले दस्तावेज़ उसके किन पार्टनर्स और एजेंटों से जुड़े हैं। नागपुर और मुंबई के जिन दो एजेंटों का नाम पहले सामने आया था, उनके नंबर और बैंक ट्रेल से भी कई चौंकाने वाली कड़ियाँ जुड़ रही हैं।
