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मां नर्मदा के बावरी घाट पर परिक्रमावासी पूर्व गृह सचिव से पत्रकारों ने मुलाकात कर की चर्चा
नर्मदापुरम। कुछ समय पहले तक प्रदेश की सत्ता के गलियारों में अहम भूमिका निभाने वाले प्रभावशाली आईएएस अधिकारी जिनका सीएम से लेकर मंत्रीमंडल अहम किरदार रहा हो, आज उनका धार्मिकता का नया किरदार सामने आया है। जब पूर्व गृहसचिव आईएएस अधिकारी और उनकी धर्मपरायण पत्नी 3300 किलोमीटर की नर्मदा परिक्रमा पर देह विदेह आश्रम विवेकानंद घाट से भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चन कर चुपचाप निकल पड़े। जब श्रीकृष्ण कॉलोनी के देह-विदेह आश्रम से जब पूर्व आईएएस ओम प्रकाश श्रीवास्तव और शिक्षा विभाग से सेवानिवृत सहायक संचालक धर्मपत्नी भारती श्रीवास्तव ने कदम बढ़ाए, तब शहर की सड़कें भी मानो हैरान थी कि ये वही लोग हैं जिन्हें कभी लालबत्ती वाली कारें चलाती थीं, आज अपनी ही चाल से चलते हुए माँ नर्मदा के तटों को नमन करने चुपचाप निकल पड़े। जो यह संदेश देता है कि मां नर्मदा की आध्यात्मिक यात्रा प्रचार से नहीं की जाती हैं। परिक्रमावासी पूर्व आईएएस ओपी श्रीवास्तव ने बताया कि कोठी बाजार नर्मदापुरम में उनका देह विदेह आश्रम है, जिसमें नर्मदा परिक्रमावासियों की ठहरने एवं भोजन व्यवस्था होती है। उन्हें पिछले 17 वर्षो से मां नर्मदा के समीप प्रशासनिक सेवा का अवसर मिला, तभी उन्होने संकल्प लिया कि सेवानिवृत्त होने के बाद मां नर्मदा की पैदल परिक्रमा करेगें। मां नर्मदा की परिक्रमा बड़ी पौराणिक है। व्यक्ति आत्म कल्याण और आध्यात्मिक प्रगति के लिए परिक्रमा करते है। हम सेवानिवृत्त होते ही वानप्रस्थ में प्रवेश कर गये,हमें श्रीमद्भागवत जी से बडी प्रेरणा मिलती है। परिक्रमावासी धर्मपत्नी भारती श्रीवास्तव ने कहा कि मां नर्मदा की पैदल परिक्रमा से बडी सुखद अनुभूति हो रही है। नर्मदा परिक्रमा वासियों के प्रति लोगों के मन में बडी श्रद्धा एवं सेवा देखने को मिल रही है । उन्होने कहा कि अंधविश्वास आडंबर चमत्कार से दूर रहे। हमको स्वयं अपना उद्धार करना है।

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