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-हाई कोर्ट ने टिप्पणी के साथ निरस्त कर दी याचिका

जबलपुर। हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति मनिंदर सिंह भट्टी की एकलपीठ ने अपने एक आदेश में साफ किया कि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक की एक ही स्थान पर दो वर्ष तक पदस्थापना अनिवार्य नहीं है। इसी के साथ अनूपपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोहम्मद इसरार मंसूरी की याचिका निरस्त कर दी। याचिका में अनूपपुर में दो वर्ष पूर्ण होने के पूर्व भोपाल स्थानांतरण को चुनौती दी गई थी। हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता को सुप्रीम कोर्ट के प्रकाश सिंह बादल के मामले में पारित निर्णय का लाभ नहीं दिया जा सकता क्योंकि वे आपरेशनल ड्यूटी में नहीं है और उनका अनूपपुर से भोपाल किया गया स्थानांतराण् उचित है।

याचिकाकर्ता मंसरी ओर से दलील दी गई कि उनके बच्चे कटनी में पढ़ रहे हैं और पत्नी अनूपपुर जिले में प्राइवेट कालेज में पढ़ा रही हैं। इसलिए उनका भोपाल स्थानांतरण अनुचित है। राज्य शासन की ओर से शासकीय अधिवक्ता अनुभव जैन व अनावेदक एएसपी जगन्ननाथ मरकाम की ओर से अधिवक्ता मनोज कुशवाहा व कौशलेन्द्र सिंह ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि प्रकाश सिंह बादल के न्यायदृष्टांत में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के पद के लिए दो वर्ष की एक ही स्थान पर पोस्टिंग अनिवार्य नहीं है। क्योकि दो वर्ष की पोस्टिंग एक ही स्थान पर पूर्ण करने की आपरेशनल ड्यूटी में पदस्थ पुलिस कर्मियों को ही प्रकाश सिंह बादल के निर्णय के अनुसार लाभ मिल सकता है। यह लाभ केवल पुलिस महानिरीक्षक, इंस्पेक्टर जनरल आफ पुलिस, इंचार्ज जोन िडिप्टी इंस्पेक्टर जनरल आफ पुलिस, इंचार्ज रेंज व पुलिस अधीक्षक इंचार्ज संबंधित जिला व स्टेशन हाउस आफिसर इंचार्ज पुलिस थाना को दो वर्ष लगातार एक ही स्थान पर रखा जा सकता है। इसके अलावा अन्य पदों पर कार्यरत पुलिस कर्मियों को दो वर्ष पूर्व भी उनका स्थानांतरण किया जा सकता है।

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