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सोमखेड़ा में ज़मीन के दाम 2 लाख से 20 लाख प्रति एकड़ तक पहुँचे

लंबे समय की मॉग पूरी, सतधारू नदी पर हाई लेवल ब्रिज का हुआ भूमि पूजन

दमोह : विकास कार्यों ने गांवों की तस्वीर और तक़दीर दोनों बदल दी है, पूर्व में सोमखेड़ा क्षेत्र में ज़मीन ₹2 लाख प्रति एकड़ में भी खरीदने वाला नहीं मिलता था, लेकिन आज हालात यह हैं कि किसान उसी ज़मीन पर तीन फसलें ले रहा है, क्योंकि हर खेत तक पानी और हर गांव के हर घर तक नल से जल पहुंच रहा है, उस समय किसी ने अंदाज़ा भी नहीं लगाया था कि इतना बड़ा परिवर्तन संभव हो पाएगा। इस आशय के उद्गार दमोह विधायक एवं पूर्व विधायक जयंत मलैया नें सतधारू नदी पर प्रस्तावित तेजगढ़ खुर्द-बहरा मार्ग पर हाई लेवल ब्रिज निमार्ण कार्य लागत 627.94 लाख के भूमि पूजन के अवसर पर व्यक्त किए।

उन्होने कहा वर्तमान स्थिति यह है कि सोमखेड़ा में किसान ₹20 लाख प्रति एकड़ में भी अपनी ज़मीन बेचने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ज़मीनों के दाम केवल शहरों में ही नहीं बढ़े हैं, बल्कि गांवों की कृषि भूमि का मूल्य भी तेज़ी से बढ़ा है।विधायक श्री मलैया ने प्रदेश सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा, मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत बहनों और बेटियों को प्रतिमाह ₹1500 की सहायता दी जा रही है। छात्रों को एक गांव से दूसरे गांव में पढ़ाई के लिए साइकिल, बच्चों को पुस्तकें उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही सरकार अधोसंरचना विकास पर विशेष ध्यान दे रही है-सड़कें, पुल, पुलियाएं, नई रेल लाइनें, एरोड्रम और एयरपोर्ट का निर्माण किया जा रहा है। उन्होने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र और विश्व का नंबर-1 देश बनाने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा वर्ष 2014 से 2025 के बीच केंद्र सरकार की नीतियों के चलते लगभग 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं। जीएसटी में कमी के बाद वाहनों की खरीद बढ़ी है और देश में शिक्षा का स्तर भी लगातार ऊंचा हो रहा है।

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