लोक अभियोजन की एक दिवसीय कार्यशाला सफलतापूर्वक संपन्न

दमोह। संचालक, लोक अभियोजन संचालनालय, भोपाल के निर्देशानुसार तथा श्री धर्मेंद्र सिंह तारन, प्रभारी उपनिदेशक अभियोजन के मार्गदर्शन में जिला अभियोजन परिवार, दमोह द्वारा दिनांक *15 मार्च 2026* को “अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के प्रभावी क्रियान्वयन एवं विधिक प्रावधान” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम में माननीय चतुर्थ अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री जितेंद्र नारायण सिंह, नगर पुलिस अधीक्षक श्री एच. आर. पांडे, अध्यक्ष जिला अधिवक्ता संघ श्री कमलेश भारद्वाज, सेवानिवृत्त उपसंचालक अभियोजन श्री नरेंद्र सिंह उईके, सेवानिवृत्त जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री बी एम शर्मा, अतिरिक्त डीपीओ श्री कैलाश चंद पटेल, लोक अभियोजक श्री मुकेश जैन, वरिष्ठ एडीपीओ श्री के के गौतम, श्री मनोज कुमार की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यशाला में जिला दमोह के अभियोजन अधिकारीगण एवं जिले के निरीक्षक तथा उपनिरीक्षक स्तर के पुलिस अधिकारियों ने सहभागिता की। विशेषज्ञों द्वारा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के प्रमुख प्रावधानों, विशेष रूप से अत्याचार संबंधी अपराधों, शासकीय सेवकों की जवाबदेही, प्रकरणों में त्वरित विवेचना, पीड़ितों को राहत एवं पुनर्वास तथा विशेष न्यायालयों के माध्यम से त्वरित न्याय की व्यवस्था के संबंध में संक्षिप्त एवं व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। कार्यक्रम के अंत में ओपन डिस्कशन सेशन आयोजित किया गया, जिसमें प्रशिक्षणार्थियों द्वारा अपने कार्य के दौरान आने वाली समस्याओं एवं जिज्ञासाओं को साझा किया गया तथा विशेषज्ञों द्वारा उनका समाधान किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के विरुद्ध होने वाले अपराधों के प्रकरणों में पुलिस एवं अभियोजन के मध्य समन्वय स्थापित कर अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन एवं त्वरित न्याय सुनिश्चित करना रहा।
