दमोह। न्यायालय विशेष न्यायाधीश, पॉक्सो एक्ट तृतीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, जिला- दमोह ने नाबालिग बालिका से दुष्कर्म करने वाले आरोपी को 10 वर्ष का कठोर कारावास की सजा से दण्डित किया है।
अभियोजन के मुताबिक 10.11.2023 को एक नाबालिग बालिका अपने परिवार के साथ मजदूरी करने जा रही थी। बीना स्टेशन पर अभियुक्त अपने भाई के साथ मिला। बालिका की मां से पूछने पर कि कहां जा रहे हो, मां ने बताया कि मजदूरी करने खुरई जा रही है, तब अभियुक्त ने कहा “मेरे गांव चलो, मेरे मकान में छपाई होना है”। इस पर परिवार अभियुक्त के साथ ट्रेन से बांदकपुर तथा बांदकपुर से बस से घाट पिपरिया तक और वहाँ से पैदल अभियुक्त के गांव इमलिया जेर पहुंचा और वहीं रुककर अभियुक्त के मकान की छपाई का कार्य किया। दिनांक 19.11.2023 की सुबह लगभग 06:00 बजे नाबालिग बालिका शौच के लिए अभियुक्त के मकान के पास रहर के खेत में गई। बालिका के शौच के लिए बैठते ही अभियुक्त ने आकर उसका मुंह दबा लिया, चिल्लाने पर जान से मारने की धमकी दी और धोती के कपड़े से उसके हाथ-पैर व मुंह बांध दिया। बालिका दिनभर खेत में पड़ी रही। शाम लगभग 07:00 बजे अंधेरा होने पर अभियुक्त उसे उठाकर अपने घर ले गया, दरवाजा बंद कर उसके साथ दुष्कर्म किया। दिनांक 20.11.2023 को सुबह 06:00 बजे अभियुक्त के चाय के लिए लकड़ी लेने जाते ही बालिका मौका पाकर वहां से भागी और गांव के एक व्यक्ति को घटना बताई। उक्त व्यक्ति द्वारा बालिका को भोजन कराकर उसकी मां को फोन लगाया गया। मां के आने पर बालिका ने पूरी घटना बताई। उक्त रिपोर्ट पर थाना पटेरा में अपराध क्र. 350/2023 अंतर्गत धारा 376(2)(एन), 341, 342, 366ए, 506 भा.दं.सं., धारा 5, 6 पॉक्सो एक्ट एवं धारा 3(1)(w), 3(2)(v) एस.सी./एस.टी. एक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
न्यायालय ने अभियोजन साक्षियों, मेडिकल साक्ष्य एवं दस्तावेजी साक्ष्य पर विश्वास करते हुए अभियुक्त अभियुक्त कुद्दू यादव पिता मठोला यादव, उम्र- 54 वर्ष, निवासी- ग्राम इमलिया जेर, थाना पटेरा, जिला- दमोह (म.प्र.)को धारा 366 भा.दं.सं. 03 वर्ष का सश्रम कारावास 1,000/ धारा 376(2)(एन) भा.दं.सं.10 वर्ष का सश्रम कारावास 2,000/- रुपये, को दोषी पाते हुए उपरोक्त दण्ड से दण्डित किया।मामले में पैरवी सहायक निदेशक अभियोजन श्री धर्मेन्द्र सिंह तारन के मार्गदर्शन में सहायक जिला अभियोजन अधिकारी श्री मनोज कुमार नायक दमोह द्वारा की गई।

