
अत्याधिक रक्तस्राव से हालत हुई थी गंभीर
बालाघाट। जिला चिकित्सालय के डॉक्टरों ने नाजुक स्थिति में प्रसूता का ऑपरेशन कर जान बचाई है। परसवाड़ा विकासखण्ड के बासी निवासी यशवंती मर्सकोले को प्रसव के लिये जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। जहां प्रसूता की हालत गंभीर हो गई थी।
सीएमएचओ डॉ. मनोज पांडेय ने बताया कि यशवंती का केस अत्यंत हाईरिस्क था। जिसका प्रसव जिला चिकित्सालय में स्टॉफ द्वारा ऑपरेशन कर किया गया। उन्होंने बताया कि महिला की ओवल समय से पूर्व अपने स्थान से छूट गई थी। जिसके कारण अत्यंत रक्तस्राव हो रहा था और स्थिति भी अत्यंत नाजुक हो गई थी। प्रसूता यशवंती मर्सकोले को सांस लेने में भी अत्यंत तकलीफ थी। बीपी निम्नस्तर पर था जिसके बचने की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही थी। ऐसी स्थिति में चिकित्सा स्टॉफ द्वारा जीवन रक्षक दवाएं देकर महिला को ठीक करने का प्रयत्न किया गया।
इस दौरान स्त्री रोग विषेशज्ञ डॉ.अर्चना लिल्हारे द्वारा सीएमएचओ डॉ.मनोज पाण्डेय, सिविल सर्जन डॉ.निलय जैन को अवगत कराया गया। सभी के परामर्श पर निश्चेतता विषेशज्ञ डॉ.लोकेश वासनिक द्वारा ऑपरेशन के दौरान होने वाली रिस्क और खतरों से प्रसूता के परिजनों को अवगत कराया गया। ऑपरेशन प्रारम्भ होते ही प्रसूता के लिए तुरंत 2 यूनिट खून की व्यवस्था की गई। ड्यूटी डॉक्टर सहित नर्सिंग ऑफिसर, ओटी, एएनसी वार्ड की क्लोज मॉनीटरिंग करके पूरी चिकित्सा टीम के सपोर्ट से महिला को अत्यंत जटिल खतरे से बाहर कर सफल ऑपरेशन किया गया। जिसमे माता ने एक बच्चे को जन्म दिया जिसका वजन मात्र 965 ग्राम था। जिसे नवजात शिशु गहन चिकित्सा ईकाई में विषेशज्ञों चिकित्सकों की देखरेख में रखा गया था। किंतु बच्चे की जान नही बच पायी वहीं माता यशवंती पूर्णत: स्वस्थ है।
