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कान्हा नेशनल पार्क क्षेत्र में 15 जनवरी तक पैक चल रहे रिसोर्ट

बालाघाट। नए वर्ष के जश्न के लिए कान्हा नेशनल पार्क के सभी रिसोर्ट बुक हो गए हैं। सैलानियों को नए वर्ष के लिए जगह नहीं मिल पा रही है। कान्हा नेशनल पार्क क्षेत्र में 15 जनवरी तक रिसोर्ट की बुकिंग पूरी तरह से फुल चल रही है। रिसोर्ट मालिकों ने दाम भी दोगुने कर दिए हैं। बावजूद इसके लोग नए वर्ष का कान्हा नेशनल पार्क में जश्न मनाने के लिए जुगत लगा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार कान्हा नेशनल पार्क क्षेत्र में तीन अलग-अलग प्रवेश द्वार से सफारी की जाती है। जिसमें दो प्रवेश द्वार खटिया व सरही गेट मंडला जिले में और एक प्रवेश द्वार बालाघाट जिले में मुक्की गेट शामिल है। इन्हीं तीनों गेटों से ही सैलानी जंगल में सफारी करते हैं। इधर, नए वर्ष के आगमन पर दिसंबर माह के अंतिम सप्ताह से ही सभी रिसोर्ट बुक हो गए है। अब इन रिसोर्टों में ठहरने व जश्न मनाने के लिए सैलानियों को जगह नहीं मिल रही है।
कान्हा नेशनल पार्क के मुक्की गेट क्षेत्र में आधा सैकड़ा से अधिक रिसोर्ट का संचालन हो रहा है। फिलहाल ये सभी रिसोर्ट बुक चल रहे हैं। इन रिसोर्ट में सैलानियों ने पहले से ही बुकिंग करा ली थी। जो अब धीरे-धीरे पार्क पहुंचने लगे हैं। इस क्षेत्र में लग्जरी रिसॉर्ट से लेकर सस्ते लॉज भी मौजूद है। मुक्की गेट क्षेत्र में 15 जनवरी तक सभी रिसोर्ट बुक चल रहे हैं। मुक्की गेट कान्हा नेशनल पार्क के तीन मुख्य द्वारों में से एक है। इस गेट में वन्यजीवों की सघनता है। बाघों के दर्शन आसानी से होने के चलते सैलानी इसी क्षेत्र से सफारी करना ज्यादा पसंद करते हंै। यह गेट बालाघाट और गोंदिया जैसे शहरों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। मुक्की जोन में खुले घास के मैदान, घने जंगल और जलस्रोत हैं।
वसूले जा रहे अधिक दाम
नए वर्ष का जश्न मनाने के लिए मुक्की गेट क्षेत्र में रिसोर्ट के बुक होने के चलते अब उनके दाम दोगुने वसूले जा रहे हैं। लोग जंगल सफारी का आनंद उठाने के लिए दोगुनी राशि भी देने के लिए तैयार हो रहे हैं। लेकिन उन्हें रिसोर्ट में बुकिंग नहीं मिल पा रही है। यही स्थिति खटिया और सरही गेट क्षेत्र में आने वाले रिसोर्टों की भी बनी हुई है।
नहीं हो रही ऑनलाइन बुकिंग
कान्हा नेशनल पार्क में सफारी करने और रिसोर्ट में ठहरने के लिए ऑनलाइन बुकिंग की जाती है। मौजूदा समय में ऑनलाइन बुकिंग भी नहीं हो पा रही है। ऑनलाइन बुकिंग के लिए सैलानियों को इंतजार करना पड़ रहा है। जिसके कारण भी उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सुबह, शाम हो रही है जंगल सफारी
कान्हा नेशनल पार्क क्षेत्र के तीनों ही प्रवेश द्वार से सुबह और शाम को जंगल सफारी कराई जा रही है। मुक्की गेट क्षेत्र में सफारी के लिए 23 जिप्सियां उपलब्ध है। सैलानी टिकट बुकिंग के अनुसार अपनी सफारी करते हैं। जंगल सफारी सुबह के समय 6.30 से 11.30 बजे और दोपहर 2.30 से 5.30 बजे तक कराई जाती है।
होम स्टे की भी सुविधा
प्रशासन ने टूरिज्म को बढ़ावा देने की मंशा से कान्हा नेशनल पार्क में होम स्टे की सुविधा भी प्रदान की है। जिसके चलते बैगा जनजाती के लोग अपने घरों में सैलानियों को ठहराते हैं। बैगा आवासों में ठहरकर जंगल की सफारी कर सकते हैं। मौजूदा समय में होम स्टे में भी सैलानियों को जगह कम मिल रही है।
कान्हा जोन में प्रतिबंधात्मक आदेश लागू
एसडीएम बैहर अर्पित गुप्ता ने बैहर अंतर्गत कान्हा राष्ट्रीय उद्यान के कोर व बफर जोन और ईको सेंसेटिव जोन में धारा 163 के प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए है। 25 दिसम्बर क्रिसमस पर्व के बाद अब नए साल को कुछ ही दिन शेष रह गए है। इस समय संरक्षित क्षेत्र के समीप स्थापित होटल, लॉज, रिसोर्ट में वैवाहिक कार्यक्रम, जुलूस, रैली, धरना प्रदर्शन, खेल प्रतियोगिता, पटाखे, पार्टी, टीकी, एलसीडी या चलित वाहन आदि में तीव्र ध्वनि विस्तार यंत्री के संचालन किए जाते है। कान्हा नेशनल पार्क का कोर व बफर जोन अतिसंवेदनशील वन्यप्राणी बाहुल्य क्षेत्र के अंतर्गत आता है। वन्यप्रणियों के दैनिक क्रियाकलाप व मानसिक संतुलन पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े और यहां के आमजन की दैनिक गतिविधियों, आसपास के लोगों और विदेश से आये सैलानियों को कोई असुविधा या समस्या न हो को दृष्टिगृत्त रखते हुए प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए गए है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अंतर्गत संरक्षित क्षेत्र के समीप वैवाहिक कार्यक्रम, जुलूस, रैली, धरना प्रदर्शन, खेल प्रतियोगिता, पटाखे, पार्टी, टीवी, एलसीडी या चलित वाहन आदि में ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग 5 जनवरी की शाम 5 बजे तक पूर्णत: प्रतिबंधित किया गया है। आदेश में किसी भी प्रकार से कानून एवं शांति व्यवस्था को बाधित किया जाता है तो भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के अंतर्गत दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी।

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