
मकान और फंड के पैसो को लेकर उतारा था मौत के घाट
गुप्ती और सिर पर पत्थर मारकर किया था कत्ल
भोपाल। पुराने शहर के छोला मंदिर थाना इलाके में साल 2022 में हुए सनसनीखेज हत्याकांड के मामले में मृतक की दूसरी पत्नी और सौतेले बेटे की सुनवाई पूरी होने पर कोर्ट ने दोषी करार देत हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोनो ने संपत्ति और मृतक के फंड का पैसा हड़पने के लिये वारदात को अंजाम दिया था। यह फैसला मनोज कुमार श्रीवास्तव, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की कोर्ट ने सुनाया है। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक सुधाविजय सिंह भदौरिया और आकिल अहमद खॉन द्वारा की गई।
विशेष लोक अभियोजक से मिली जानकारी के अनुसार छोला मंदिर थाना इलाके में मालीखेड़ी मे रहने वाले अमर सिंह विश्वकर्मा (55) हमीदिया अस्पताल में सरकारी ड्रायवर थे। उनकी पत्नी सुआ बाई का करीब 10 साल पहले निधन हो चुका था। पहली पत्नी से उनकी दो बेटियां भावना और शशि है, जिनकी वह शादी कर चुके है। बाद में अमर सिंह की मुलाकात नवजीवन कॉलोनी में रहने वाली विधवा महिला शांति बाई कुशवाह (46) से हुई थी। उसके पति माधौ सिंह कुशवाह का देहांत हो चुका था। बाद में अमर सिंह ने शांति बाई से 5 जुलाई 2021 को आर्य समाज मंदिर में विवाह कर लिया था। विवाह के बाद शांति बाई कुशवाह अपने दोनों बेटों शिवराज (19) और राहुल (17) के साथ अमर सिंह के साथ उसके मालीखेड़ी वाले मकान में रहने लगी थी। 31 मई 2022 को पुलिस नेमालीखेड़ी, मेनरोड पुलिया के पास सड़क किनारे अमरसिंह की लाश बरामद की थी। उनके मुंह, सिर और शरीर पर धारदार हथियार और पत्थर से हमला करने के निशान थे। जॉच में हाथ लगे सुरागो के आधार पर पुलिस ने पत्नी शांति बाई और सौतेले बेटे शिवराज कुशवाहा से पुलिसिया अंदाज में पूछताछ की तब दोनो ने हत्या अमर सिंह करने का खुलासा कर दिया। पूछताछ में आरोपी मॉ-बेटे ने बताया कि वह अमर सिंह पर अपनी संपत्ति और नौकरी से मिलने वाला फंड अपने नाम पर करने का दबाब बना रहे थे। लेकिन अमर सिंह इसके लिये तैयार नहीं थे, आरोपी मॉ-बेटे चाहते थे की अमर सिंह पहली पत्नी की बेटियों को भी संपत्ति और फंड में हिस्सा न दें। लेकिन अमर सिंह ने इससे इंकार कर दिया था। इस बात को लेकर उनका विवाद हुआ था। संपत्ति और फंड की रकम हड़पने के लिये शिवराज कुशवाह और शांतिबाई ने अमर सिंह को घटनास्थल पर बुलाया और वहॉ इसी बात पर उनके बीच विवाद हुआ। तब दोनो ने मिलकर धारदार हथियार और पत्थर से वार कर उलकी बेरहमी से हत्या कर दी। सुनवाई के दौरान अभियोजन द्वारा पेश किये गये साक्ष्यो के आधार पर अदालत ने आरोपी मॉ-बेटे शांति कुशवाह और शिवराज कुशवाह धारा 302 सहपठित धारा 34 भादवि में आजीवन कारावास सहित 1 हजार रूपये तथा धारा 201 भादवि में 3 वर्ष का सश्रम कारावास सहित 5 सौ रूपये अर्थदण्ड से दण्डित किये जाने का फैसला सुनाया है।
