
ग्वालियर । परिचय सम्मेलन आज के समय में समाज की महती आवश्यकता बनते जा रहे हैं, ऐसे परिचय सम्मेलन में वर-वधू का चयन आसान तरीके से हो जाता है।आज के व्यस्त समय में अभिभावकों को अपने विवाह योग्य बेटे-बेटी के रिश्ते तलाशने में कठिनाई हो रही है परिचय सम्मेलन एक ऐसा मंच है जो दो परिवारों को आपस में मिलाता है परिचय सम्मेलन समय की आवश्यकता बनते जा रहे हैं। यह बात मैथिल ब्राह्मण समाज मुरार अध्यक्ष मुरारीलाल ओझा ने रविवार को मैथिल ब्राह्मण समाज सेवा वृहत्तर समिति ग्वालियर द्वारा नाट्य कला में आयोजित दो दिवसीय युवक-युवती परिचय सम्मेलन के समापन के अवसर पर कही।कार्यक्रम की अध्यक्षता मैथिल ब्राह्मण समाज सेवा वृहत्तर समिति ग्वालियर अध्यक्ष सुरेश चंद्र ओझा ने की। जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में परिचय सम्मेलन समिति अध्यक्ष महेश चंद्र ओझा मौजूद थे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मुरार अध्यक्ष मुरारीलाल ओझा ने कहा कि अब बदलते युग में परिस्थितियों में भी बदलाव हो रहा है और लड़के-लड़कियां भी अब सुयोग्य जीवन साथी चाहते हैं,ताकि उनका जीवन उनके अनुरूप हो। वहीं अध्यक्ष सुरेश चंद्र ओझा ने कहा कि आज के समाज में विवाहों का विघटन हो रहा है। अगर हम अपने समाज और परिवार के आधार पर शादी करें तो विवाह के बाद विघटन नहीं होंगे। परिचय सम्मेलन में कुल 600 युवक युवतियों के पंजीयन हुए।पहले दिन 300 और दूसरे दिन 200विवाह योग्य युवक-युवतियों ने परिचय दिया, इसमें डॉ, इंजीनियर और शिक्षकों सहित दिव्यांग प्रत्याशी भी शामिल है। कार्यक्रम में सामाजिक पत्रिका का विमोचन किया गया। इस अवसर पर परिचय सम्मेलन में सहयोगी के रूप में विजय कुमार ओझा, मुरारी लाल ओझा,बीडी शर्मा,नवल किशोर ओझा,नरेंद्र ओझा, रामजीलाल झा, पुरुषोत्तम शर्मा, सुदामा लाल ओझा, शिव कुमार ओझा,ओझा, श्रीमती आशा ओझा, श्रीमती पिंकी ओझा,विनोद ओझा आर्मी, सहित अनेक लोग शामिल हैं।
