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परिवहन की गति धीमी होने से केंद्रों में ही भंडारित है धान
कलेक्टर के निर्देश के बाद भी बारिश से बचाव के नहीं हो सके पर्याप्त इंतजाम
बालाघाट। जिले में शनिवार की रात्रि हुई बारिश ने धान उपार्जन कार्यों की पोल खोल दी। खरीदी केन्द्रों में बारिश से बचाव के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। जिसके चलते हल्की बारिश में भी धान नम हो गई है। जिसके कारण धान के खराब होने की संभावना प्रबल हो गई है। केन्द्रों में खुले में भंडारित धान में कहीं आधी बोरियों को पॉलीथिन से ढका गया था तो कहीं बारिश के पानी में धान भीगते रही। रविवार को कुछेक केंद्रों में किसान स्वयं की धान के ऊपर पॉलीथिन से फेंकते हुए नजर आए।
जानकारी के अनुसार जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य जारी है। धान खरीदी के लिए जिले में 185 केन्द्र बनाए गए हैं। इन केन्द्रों में किसानों से धान की खरीदी तो की जा रही है, लेकिन परिवहन का कार्य धीमी गति से हो रहा है। जिसके चलते 14 लाख क्विंटल धान खरीदी केन्द्रों में ही खुले में भंडारित है। शनिवार की रात्रि जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश हुई। कहीं रिमझिम तो कहीं तेज बारिश हुई। जिसके कारण मानव जीवन पर प्रभाव पड़ा है। वहीं अधिकांश केंद्रों में खुले में भंडारित धान भी भीग गई।
निर्देश के बाद भी इंतजाम नाकाफी
बारिश की संभावना के चलते कलेक्टर ने धान के बचाव के लिए निर्देश दिए थे। बावजूद इसके निर्देशों का समुचित ढंग से पालन नहीं किया गया। बेमौसम बारिश से बचाव के लिए धान खरीदी केन्द्रों में पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे। शनिवार की रात्रि हुई बारिश ने खरीदी केंद्रों की पोल खोल दी। इधर, बारिश होने के दौरान भी खरीदी केन्द्रों में किसानों से खरीदी गई धान को पानी से बचाव करने के लिए पॉलीथिन ढकते हुए देखा गया। बावजूद इसके काफी मात्रा में धान नम हो गई है।
परसवाड़ा तहसील में हुई अधिक बारिश
शनिवार को जिले मे हल्की बारिश रिकार्ड की गई। भू-अभिलेख कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार बीते 24 घंटे में बालाघाट जिले की कुछ तहसीलों में बारिश हुई। जिसमें तहसील परसवाड़ा में 25.2 मिमी, बैहर में 8.6 मिमी, बालाघाट में 4 मिमी, वारासिवनी में 4 मिमी, लालबर्रा में 3 मिमी और बिरसा में 3.2 मिमी वर्षा रिकार्ड की गई है । इस तरह सर्वाधिक वर्षा तहसील परसवाड़ा और सबसे कम वर्षा लालबर्रा में रिकॉर्ड की गई।
करीब 14 लाख क्विंटल धान खुले में भंडारित
जानकारी के अनुसार जिले में अभी तक 32 लाख 4 हजार 216 क्विंटल धान की खरीदी की गई है। जिसमें से 17 लाख 62 हजार 638 क्विंटल धान का परिवहन कर दिया गया है। करीब 14 लाख क्विंटल धान अभी भी खरीदी केंद्रों में ही भंडारित है। शनिवार की रात्रि बारिश होने से खुले में भंडारित धान के खराब होने की संभावना बनी हुई है। बावजूद इसके खुले में भंडारित धान की सुरक्षा के लिए केन्द्रों में पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए है।
किसानों की भी धान भीगी
खरीदी केन्द्रोंं में अपनी उपज बेचने पहुंचे किसानों की धान भी बारिश के पानी में भीग गई है। दरअसल, ऐसे अनेक किसान हैं, जिन्होंने अपनी उपज की बिक्री करने के लिए फसल को केन्द्र तक ले जा लिए हैं। लेकिन फसल का तौल नहीं होने के चलते किसानों ने धान को केन्द्र में ही भंडारित करके रखा है। ऐसे किसानों की धान शनिवार को हुई बारिश में भीग गई है।

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