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-चैकबुक पुराने पते पर पहुंचने पर हुई धोखाधड़ी
-बैंक के कैमरे में कैद हुआ संदिग्ध, पुलिस तलाश में जुटी

भोपाल। कोहेफिजा इलाके में स्थित बैंक से रिटायर्ड इंजीनियर के खाते से जालसाज ने फर्जी साइन कर आरटीजीएस के माध्यम से करीब 41 लाख 37 हजार रुपये की रकम निकाल ली। इसके बाद आरोपी ने एक ज्वैलर्स के खाते में रकम ट्रांसफर कर दी। बाद में उनकी डॉक्टर बेटी बैंक गई तब उन्हें जानकारी लगी की आरटीजीएस के माध्यम से उनके खाते से पैसे निकाले गए है। जिसके बाद उन्होंने पुलिस से शिकायत की थी। बताया गया है की रिटायर्ड इंजीनियर की चेक बुक पुराने पते पर पहुंच गई थी, इसके बाद वह ठगी का शिकार हो गए। पुलिस ने अज्ञात जालसाज के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है। पुलिस के अनुसार, कमलाकर खांडेकर (87), चार इमली में रहते है। वह हाउसिंग कॉपोर्रेशन के सब इंजीनियर के पद से रिटायर्ड हैं। साल 2023 में उनकी पत्नी का निधन हो चुका है। कमलाकर के बेटे विदेश में रहते हैं। उनकी बेटी रश्मि देवपुजारी (52) विदिशा मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर हैं, दामाद हमीदिया अस्पताल में डॉक्टर हैं। कमलाकर ने कुछ समय पहले अपने नाम पर एक चेक बुक जारी करवाई थी, लेकिन वो चेक बुक उनके चार इमली के पते पर न पहुचंते हुए उनके पुराने पते पर चली गई। जहां किसी अज्ञात व्यक्ति ने उस चेक बुक को ले लिया। इसके बाद आरोपी ने कमलाकर के साइन पता किए और चेक पर उनके फर्जी साइन कर आरटीजीएस के माध्यम से रकम निकाल ली। पुलिस जॉच में सामने आया की यह पैसा एक ज्वैलर्स के एकांउट में गया है। आरोपी ने उस सोने के व्यापारी से सोना खरीदा और बदले में फर्जी साइन किए हुए चेक देकर फरार हो गया। 1 मई को कमलाकर और बेटी रश्मिी पैसा निकालने बैंक पहुंचे थे, उसी दिन उनके फर्जी साइन कर 19 लाख रुपए का एक चेक भुगतान के लिए लगाया गया था। जालसाजी का पता लगते ही बैंक ने उस चेक पर स्टॉप पैमेंट कर दिया। हालांकि तब तक खाते से 41.37 लाख रुपए निकल चुके थे। बताया गया है कि बीती 28 फरवरी से एक महीने में करीब आधा दर्जन बार बैंक से फर्जी साइन कर रकम निकाली गई है। शातिर आरोपी ने ज्वैलर्स को भी फर्जी नाम बताया था। आरोपी ने व्यापारी से करीब 35 लाख से ज्यादा का सोना खरीदा था। पुलिस का कहना है, कि बैंक में लगे सीसीटीवी में संदेही आरोपी कैद हुआ। वहीं पुलिस ज्वैलर्स से भी पूछताछ करेगी जिससे आरोपी का अहम सुराग हाथ लग सके।

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