सौतेले पिता ने मारी थी कुल्हाड़ी

जबलपुर ! 8 दिन पहले दूसरी पत्नी और सौतेली बेटी पर प्राणघातक हमले में गंभीर रूप से घायल बेटी की इलाज के दौरान शनिवार को मौत हो गई। जबकि पत्नी राधा (अंजुम बानो) की मौत घटनास्थल पर उसी दिन हो गई थी। घटना बरगी थाना के पटेल तिराहा की है। पुलिस ने हमले में इस्तेमाल कुल्हाड़ी जब्त कर ली और आरोपी रामजी भूमिया को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। रामजी का बेटा तौसीफ भूमिया समाज की युवती से प्रेम करता था और उससे शादी करना चाहता था, यही विवाद और फिर हत्या की वजह बनी। रामजी शराब पीने का आदी था। 6 जून की रात राधा और उसकी बेटी कमरे में सो रहे थे, तभी रामजी घर पहुंचा, तो गैर हिंदू समाज में तौसीफ की शादी को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद हो गया। रामजी का कहना था कि ये तौसीफ, राशिद की औलाद है। इसलिए वह अपने समाज में शादी करे। तर्क-वितर्क में विवाद इतना बढ़ा कि रामजी ने कुल्हाड़ी उठाई और पत्नी राधा पर ताबड़तोड़ चार वार किए। राधा जमीन पर गिर गई और उसकी मौत हो गई। पास में सो रही 17 वर्षीय किशोरी ने मां को बचाने की कोशिश की, तो रामजी ने उस पर भी हमला कर दिया। किशोरी के पीठ, पेट और सिर में गंभीर चोट आई थी।15 साल पहले अंजुम बनी थी राधा
राधा उर्फ अंजुम छिंदवाड़ा के चांदामेटा की रहने वाली थी। उसकी शादी राशिद खान से हुई थी, जिससे एक बेटा तौसीफ (19) और एक बेटी (17) थी। 15 साल पहले वह बेटा और बेटी को लेकर बरगी आ गई। यहां गांव के रामजी भूमिया से दोस्ती हुई, तो दोनों ने शादी कर ली। अंजुम ने अपना नाम बदलकर राधा रख लिया। वे आराम से रह रहे थे, पर राधा को रामजी की रोज शराब पीने की आदत पसंद नहीं थी। वह नशे में गालियां देता था।
गांव की लड़की से विवाह करना चाहता था तौसीफ
राशिद की औलाद तौसीफ गांव की भूमिका समाज की लड़की से शादी करना चाहता था। इसे लेकर आए दिन घर में झगड़े होते थे। क्योंकि रामजी इसके लिए तैयार नहीं था। वह तौसीफ को गैर हिंदू मानता था और नहीं चाहता था कि वह हिंदू लड़की से शादी करे। जबकि राधा का कहना था कि वह रामजी से शादी कर चुकी है, तो बेटा-बेटी भी हिंदू हुए।
