
सर्वटे को भोपाल ले गई ईओडब्लूय की टीम
जबलपुर। आदिम जाति कल्याण विभाग के डिप्टी कमिश्नर जगदीश सर्वटे की अवैध संपत्ति की परतें एक-एक कर खुलती जा रही हैं। गुरुवार को डिप्टी कमिश्नर सर्वटे को टीम के साथ भोपाल ले जाया गया, जहां आज उसके सामने फ्लैट की तलाशी ली गई। सूत्रों के अनुसार, यहां से नगदी और संपत्ति के अहम दस्तावेज मिलने की उम्मीद है। गौरतलब है की करीब तीन दिन से चल रही ईओडब्ल्यू की सर्च कार्रवाई में अब तक 6.19 करोड़ से अधिक की अनुपातहीन संपत्ति, बेशकीमती टाइगर की खाल, महंगी शराब की बोतलें, और कई अचल संपत्ति दस्तावेज बरामद हो चुके हैं।
ईओडब्ल्यू के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच अभी जारी है और संपत्ति का आंकड़ा और बढ़ सकता है। शुक्रवार को भोपाल फ्लैट की जांच से कई और परतें खुलने की संभावना है
मां भेजी गई जेल…
अधारताल स्थित पैतृक मकान की तलाशी के दौरान टाइगर की खाल बरामद की गई, जिसे एसटीएफ और वन विभाग की मौजूदगी में जब्त किया गया। पूछताछ में डिप्टी कमिश्नर की मां ने बताया कि खाल उनके ससुर की थी और वह उस पर बैठकर पूजा-पाठ किया करती थी।
लेकिन वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत यह गंभीर अपराध है। इसी आधार पर डिप्टी कमिश्नर सर्वटे को आरोपी बनाते हुए न्यायालय में पेश किया गया, जबकि उनकी मां को जेल भेज दिया गया।
क्या है मामला…
ईओडब्ल्यू की जांच में सामने आया है कि जगदीश सर्वटे ने अपने कार्यकाल के दौरान आय से कई गुना अधिक चल-अचल संपत्तियां अर्जित की हैं, जिनमें फ्लैट, प्लॉट, बैंक बैलेंस, महंगे गहने और विदेशी शराब की बोतलें शामिल हैं। जांच टीम बैंक खातों, लॉकरों और रजिस्ट्री दस्तावेजों को खंगालने में जुटी है।
