
नई दिल्ली। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को सरकारी बंगला दिलाने के लिए उनकी पार्टी को हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा है। ‘आप’ पार्टी की याचिका पर संक्षिप्त सुनवाई हुई जिसमें पार्टी की ओर से कहा गया कि उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप से दफ्तर मिल गया, केजरीवाल को आवास नहीं दिया गया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई 25 अगस्त तक टाल दी है।
रिपोर्ट मुताबिक जस्टिसस सचिन दत्ता की बेंच के सामने गुरुवार को मामले की सुनवाई हुई। आम आदमी पार्टी की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल मेहरा ने बताया कि कृपया प्रार्थना पत्र को देखिए, यह आवास के आवंटन के लिए है। उन्होंने कहा, यदि आप पार्टी प्रमुख हैं, तब अब नियमों के मुताबिक आप आवास के हकदार हैं।
वकील ने केजरीवाल की ओर से परैवी करते हुए कहा, हमारे पास पार्टी का दफ्तर भी नहीं था। तब इस अदालत ने हमें ऑफिस दिलवाया। अब हम आपके पास आवास के लिए आए हैं। वकील ने कहा, सभी पूर्व निर्धारित शर्तें पूरी हैं। वह राष्ट्रीय संयोजक है, जो राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं। हम केंद्र में मौजूद आवास की मांग कर रहे हैं। उन्होंने अदालत को बताया कि आम आदमी पार्टी ने पिछले साल 20 सितंबर अथॉरिटीज को लिखा था, रिमाइंडर भी भेजा गया लेकिन कोई एक्शन नहीं लिया गया।
जज ने संक्षिप्त सुनवाई के बाद मामले को आगे के लिए टाल दिया। अब इस याचिका पर 25 अगस्त को सुनवाई होगी। गौरतलब है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद केजरीवाल ने उन्हें आवंटित बंगला खाली किया था और अपने राज्यसभा सांसद के आवास में रह रहे हैं। केजरीवाल की अगुआई वाली पार्टी ने पिछले साल अक्टूबर में दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर करके आवास दिलाने की मांग की थी।
