
इन्दौर। हिसाब किताब में गड़बड़ी करते हुए अपने गुटखे के कारोबार में की गई करोड़ों की टैक्स चोरी और अघोषित आय को काली पीली करने के चक्कर में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के राॅडार पर आए इन्दौर की किशोर वाधवानी के खिलाफ ईडी ने सख्त कार्रवाई करते उसके एवं उसके परिजनों के स्वामित्व की करीब 20 करोड़ रुपये से ज्यादा मूल्य की अचल संपत्ति ईडी ने अटैच कर ली है। इसमें जमीन के साथ वाधवानी परिवार के स्वामित्व के फ्लैट आदि भी शामिल हैं। ईडी ने अटैचमेंट की यह कार्रवाई प्रिवेंशन आफ मनी लांड्रिंग एक्ट 2002 के तहत की है। बता दें कि किशोर वाधवानी व उसके सहयोगियों पर गुटखा और सिगरेट के कारोबार में टैक्स चोरी के मामले में चार साल पहले आपरेशन कर्क के तहत डीआरआइ और डीजीजीआइ ने वाधवानी बंधुओं के ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान तमाम गिरफ्तारियां भी हुई थीं। मामले में थाना तुकोगंज में एफआईआर भी कराई गई थी और उसके तहत इसी केस के आधार पर ईडी ने मनी लाण्ड्रिंग का केस दर्ज किया था। छापे के बाद डीजीजीआई ने वाधवानी सहित 21 लोगों को 1946 करोड़ का टैक्स नोटिस दिया था। इसी मामले में अब ईडी ने इंदौर ने किशोर वाधवानी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उनकी और उनके रिश्तेदारों की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच कर दिया है। इसमें किशोर वाधवानी, नितेश वाधवानी, पूनम वाधवानी और मेसर्स दबंग दुनिया पब्लिकेशंस प्रा. लि. के नाम शामिल हैं। ईडी के अनुसार, PMMLA एक्ट 2022 के तहत इन सभी की जमीन, फ्लैट सहित कुल 11.33 करोड़ रुपए की संपत्तियां कुर्क की गई हैं। वहीं, इन संपत्तियों का बाजार मूल्य 20 करोड़ रुपये से अधिक आंका गया है। इस यह कार्रवाई की जानकारी ईडी ने ट्वीट करके दी।
ज्ञात हो कि पुलिस ने तुकोगंज थाने में दर्ज हुए अपराध क्रमांक 88/2021 में किशोर व नीतेश वाधवानी के खिलाफ चार सौ बीसी के मामले में दो माह पहले दबंग दुनिया के सीईओ पंकज मजेपुरिया को गिरफ्तार किया था। हालांकि मूल केस किशोर वाधवानी और नितेश वाधवानी के खिलाफ डीजीजीआई ने दर्ज कराया था।
किशोर वाधवानी और उसके सहयोगियों के खिलाफ इस पूरे मामले को लेकर बताया जा रहा है कि डीजीजीआई की इंदौर यूनिट ने जून 2020 में वाधवानी की कंपनी पर छापे मारे। वाधवानी एलोरा टोबेको कंपनी (ETCL) के प्रोपराइटर है। छापे में भारी मात्रा में पान मसाला, गुटखे के कारोबार में जीएसटी चोरी सामने आई। इसके बाद इनके खिलाफ दो हजार करोड़ के टैक्स डिमांड नोटिस जारी हुए। यह चोरी उन्होंने जुलाई 2017 से जून 2020 की अवधि में की थी। इस पर विभाग ने उन्हें 15 जून 2020 को गिरफ्तार किया, बाद में उनकी जमानत हुई। इस जांच के दौरान सामने आया कि वाधवानी जो दबंग दुनिया अखबार में भी डायरेक्टर है, उन्होंने अपने अखबार की सेल 60 हजार से एक लाख दिखाई जबकि 6 से 8 हजार मात्र थी। इस दौरान उन्होंन फर्जी इनवाइस जनरेट किए और जीएसटी चोरी का 500 करोड़ रुपए और अन्य बिजनेस से कमाई को इस अखबार में इन फर्जी इनवाइस के जरिए खपाया और जमकर टैक्स चोरी की। अखबार की जांच में 904 फर्जी इनवाइस जारी हुए। डीजीजीआई ने इस मामले में किशोर वाधवानी और उनके भतीजे नीतेश वाधवानी पर 10 फरवरी 2021 में आईपीसी धारा 420, 467, 468, 471, 120 बी के तहत केस दर्ज करा दिया।
