
आरोपी सहित महिला अधिवक्ता पर मामला दर्ज
भोपाल। एमपी नगर पुलिस ने केंद्रीय मुद्रणानालय के रीडर की शिकायत पर एक बर्खास्त कर्मचारी और उसकी सहयोगी महिला अधिवक्ता पर धोखाधड़ी का मामला कायम किया है। आरोप है कि कर्मचारी को 2019 में किन्हीं कारणों के चलते बर्खास्त कर दिया गया था। दो साल बाद साल 2021 में में कर्मचारी ने दोबारा नौकरी पाने का प्रयास करते हुए नाम परिवर्तन के लिए आवेदन किया था। उसके द्वारा पेश किये गये दस्तावेज की जांच करने पर पता चला कि दस्तावेज कूटरचित है। रीडर ने दस्तावेज की कॉपी के साथ पुलिस को शिकायती आवेदन दिया था। आवेदन जांच के बाद पुलिस ने बर्खाश्त कर्मचारी और उसकी परिचित महिला के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार संतोष रैकवार, केंद्रीय मुद्रणानालय में रीडर के पद पर पदस्थ हैं। उन्होंने पुलिस को शिकायत करते हुए बताया कि केंद्रीय मुद्रणानालय में नौकरी करने वाले अमृत धोटे को बर्खाश्त कर दिया गया था। वर्ष 2021 में अमृत धोटे ने अपनी परिचित रेखा जैन की मदद से नाम परिर्वतन का गजट नोटिफिकेशन और दस्तावेज प्रस्तुत किए। दस्तावेज की जांच की गई तो पता चला कि दस्तावेज नकली है। पुलिस ने इस मामले में करीब चार साल की लंबी जॉच के बाद बर्खास्त कर्मचारी अमृत धोटे और आवेदन प्रस्तुत करने वाली एडवोकेट रेखा जैन के खिलाफ कूट रचित दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक गवर्नमेंट प्रेस के संतोष रायकवार की शिकायत पर कार्रवाई की गई है। बताया गया कि 15 सितंबर 2021 को एडवोकेट रेखा जैन ने अमृत धोटे के नाम परिवर्तन के लिए आवेदन किया था। आवेदन में 23 जून 2021 का शपथ पत्र भी लगाया था। इसके आधार पर अमृत धोटे उर्फ मारुति धोटे के नाम परिवर्तन की सूचना राजपत्र में प्रकाशित की गई। बाद में पता चला कि धोटे को गलत नाम से नौकरी करने पर वेस्टर्न कोल्ड फील्ड लिमिटेड (डब्ल्यूसीएल) पाथाखेड़ा से 2019 में बर्खास्त किया गया था। इसके बाद आरोपी कर्मचारी द्वारा नाम परिवर्तन की सूचना राजपत्र में प्रकाशित कराने का प्रयास किया गया है।
