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इन्दौर। डिजिटल अरेस्ट कर रिटायर्ड मेडिकल ऑफिसर के साथ हुई 4 करोड़ 32 लाख की साइबर ठगी के मामले में सायबर सेल ने डिजिटल अरेस्ट की राशि ट्रांसफर कराने वाले 3 अकाउंट होल्डर ठगोरो को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार ठगोरों के नाम सादिक पिता एहसान पटेल निवासी ग्राम पंथमुंडला थाना विजयागंज जिला देवास, शाहीद पिता सैफुद्दीन खान निवासी 40 क्वाटर्स, जानसापुरा उज्जैन और सोहेल पिता मोहम्मद इकबाल निवासी हरमाला रोड रतलाम है। रिटायर्ड अधिकारी के साथ हुई इस करोड़ों की ठगी में ठगोरे ने खुद को टेलीफोन रेगुलेटरी का अधिकारी बता वारदात को अंजाम दिया था। मामले में पुलिस के अनुसार रिटायर्ड अफसर यहां अपनी पत्नी के साथ रहते हैं। उनका बेटा विदेश में है। 21 सितंबर 2025 को एक कॉलर ने कॉल करके स्वयं को टेलीफोन रेगुलेटरी अथॉरिटी का अधिकारी बता उनसे कहा था कि वे 2 मोबाइल नंबरों का आपराधिक गतिविधि में उपयोग कर रहे हैं और मुंबई में हुए 538 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार हुए नरेश गोयल के आधार कार्ड का उपयोग कर बैंक खाता खोलने की इजाजत उनके द्वारा दी गई है। वें भी इन आपराधिक गतिविधियों में लिप्त है। ठगोरे ने उनको ऑनलाइन कोर्ट में पेश करने का कहकर 2 दिन बाद वीडियो कॉल कर कोर्ट रूम दिखाया और केस चलाने की धमकी देकर चल-अचल संपत्ति की जानकारी मांगी। वॉट्सऐप के माध्यम उक्त जानकारी लेने के बाद ठगोरे एक माह तक उन्हें कॉल करते रहे और विभिन्न अकाउंट नंबर बता उनमें रुपए ट्रांसफर करवाते रहे। मामले में ‌रिटायर्ड अफसर इतना घबरा गये थे कि उन्होंने फ्लैट खरीदने का कहकर अपनी एफडी भी कैश करवा रूपए ठगोरें द्वारा बताएं अकाउंट में ट्रांसफर कर दिए थे। उन्होंने करीब 4 करोड़ 32 लाख रुपए एक माह में साइबर ठगों को भेज दिए थे। वे इतना घबरा गये थे कि उन्होंने अपने बेटे, पत्नी एवं अन्य रिश्तेदार को भी इसकी जानकारी नहीं दी। लेकिन जब वे मकान गिरवी रख होम लोन लेने लगे तभी बैंक वालों से बातचीत करने पर पता चला कि उनके साथ धोखाधड़ी हो रही है। इसके बाद स्थानीय रिश्तेदार उनको लेकर स्टेट साइबर सेल जोन इंदौर आए और यहां शिकायत की गई थी। फिलहाल मामले में अन्य ठगोरो की भी पहचान कर उनकी भी गिरफ्तार की जानी है।

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