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इन्दौर। लोकायुक्त पुलिस टीम ने एक ट्रैप कार्रवाई आयोजित कर अतिथि शिक्षक से उसका वेतन निकालने के एवज में दो हजार रुपए की रिश्वत लेते ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर (बीईओ) को रंगेहाथों गिरफ्तार कर कार्रवाई शुरू कर दी है। मामला खरगोन जिले के झिरन्या ब्लॉक का है। और रिश्वतखोर ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर का नाम प्रभात परमार्थी है। उसने अतिथि सेवंती बर्डे जो कि शासकीय प्राथमिक विद्यालय भेड़िया फलिया ग़लतार तहसील भगवानपुरा खरगोन में पदस्थ हैं से रिश्वत की मांग की थी जिसकी शिकायत लोकायुक्त को सेवंती बर्डे के पति सुभाष बर्डे ने की थी। लोकायुक्त एसपी डॉ. राजेश सहाय के अनुसार फरियादी सुभाष बर्डे ने लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय इंदौर आकर लोकायुक्त एसपी डॉ. राजेश सहाय को आवेदन देकर शिकायत की थी कि उसकी पत्नी सेवंती बर्डे भगवानपुरा खरगोन में अतिथि शिक्षक के पद पर कार्यरत है।

वेतन अनुमोदन नहीं होने का कारण बताकर रोक दिया गया था

उसका नवंबर 2025 का वेतन अनुमोदन नहीं होने का कारण बताकर रोक दिया गया था। वेतन निकलवाने के लिए फरियादी तत्कालीन संकुल प्राचार्य शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मोहनपुरा प्रभात परमार्थी से मिला जो कि वहां से दिसंबर 2025 में बीईओ झिरन्या के पद पर ट्रांसफर होकर पदस्थ हो चुका है। तो उसने फरियादी से कहा था कि शेष दो हजार रुपए दे दो। प्रभात परमार्थी ने अतिथि शिक्षक का वेतन निकालने के लिए पूरे साल के 10 हजार रुपए मांगे थे और किश्तों में आठ हजार रुपए ले चुका था। आखरी किश्त के दो हजार रुपए लेकर अतिथि शिक्षक को उसने अपने ज्योति नगर स्थित निजी निवास पर बुलाया था। इसकी सूचना उसने लोकायुक्त पुलिस इंदौर को दी। सूचना और शिकायत सत्यापन पश्चात सही पाएं जाने पर लोकायुक्त ने टीम गठित कर योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई शुरू की और जैसे ही फरियादी अतिथि शिक्षक ने आरोपी बीईओ को दो हजार रुपए दिए, वैसे ही लोकायुक्त टीम ने उसे रंगेहाथों दबोच लिया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत केस दर्ज कर कार्रवाई जारी है।

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