42 करोड़ गड़बड़ी मामले में जांच रिपोर्ट पूर्ण
इन्दौर। जांच अधिकारी स्नेहलता श्रीवास्तव ने पूर्व सहायक आबकारी आयुक्त रहे संजीव दुबे के खिलाफ 42 करोड़ की गड़बड़ी मामले में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत कर उन पर एफआईआर कराने के लिए प्रमुख सचिव वाणिज्यिक कर विभाग को कहा है। जानकारी अनुसार स्नेहलता श्रीवास्तव द्वारा सचिव को पत्र लिखकर कहा कि दुबे ने अन्य सात अधिकारियों के साथ मिलकर इंदौर जिले में कूटरचित चालानों के माध्यम से शासन को 42 करोड़ रुपए का चूना लगाया है। पत्र में श्रीवास्तव ने कहा है कि जांच के बाद यदि दुबे और उसके साथी अधिकारियों पर लगे आरोप सच भी साबित होते हैं और अधिकतम दंड भी दिया जाता है तो भी शासन को लगे 42 करोड़ रुपए के नुकसान की भरपाई नहीं हो सकेगी। इसलिए विभागीय जांच स्थगित कर कानून के मुताबिक दुबे और घोटाले में शामिल अन्य 7 अधिकारियों पर कानून के मुताबिक कार्रवाई करने पर शासन विचार करे। उस पर एफआईआर करवाकर कार्रवाई करना चाहिए। बता दें कि मामला उजागर होने के बाद जून 2018 में दुबे के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई थी। इसके बाद 25 मई 2021 को मामले में सेवानिवृत्त अधिकारी स्नेहलता श्रीवास्तव को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया था। जांच के दौरान दुबे ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी थी जिस पर कोर्ट ने 10 मई 2022 को जांच स्थगित रखने का आदेश दिया था। इसी मामले में एक अन्य याचिका अवमानना की भी कोर्ट में लंबित थी जिसे भी दुबे द्वारा ही दायर किया गया था। कोर्ट ने 6 दिसंबर 2023 को ये याचिकाएं खारिज कर दीं और 11 दिसंबर 2023 को पारित निर्णय में विभागीय जांच अधिकारी द्वारा कोर्ट की अवमानना का मामला नहीं पाया गया। कोर्ट ने दुबे को एक्स पार्टी मानकर निर्देश दिया कि वे चाहे गए सभी दस्तावेज उपलब्ध कराएं और जांच में सहयोग करें। इसके बाद जांच अधिकारी स्नेहलता श्रीवास्तव ने अपनी जांच रिपोर्ट पूर्ण कर सचिव को पत्र लिखा।
