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जिला स्वास्थ्य समिति की एक अहम बैठक सम्पन्न,दिये गये अह्म दिशा-निर्देश

दमोह : कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने जिला स्वास्थ्य समिति की एक अहम बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में ली।100 दिवसीय नि-क्षय अभियान सी.एम.हेल्पलाईन, मलेरिया, मातृ-शिशु स्वास्थ्य,दस्तक अभियान, निरोगी काया अभियान, तथा परिवार कल्याण कार्यक्रम के तहत दी जा रही सेवाओं की बिन्दुवार समीक्षा की। कलेक्टर श्री कोचर ने 100 दिवसीय नि-क्षय अभियान में एक्स-रे प्रगति कम पाये जाने पर जिला क्षय अधिकारी डॉ. गौरव जैन को निर्देशित किया कि व्यवस्थित कार्ययोजना बनाकर एक्स-रे कार्य में तेजी लाई जाये। सी.एम.हेल्पलाईन में दिव्यांगता प्रमाण-पत्र संबंधी शिकायतों का अविलंब निराकरण किया जाये।

             कलेक्टर श्री कोचर ने  प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत खंड स्तर पर आयोजित विशेष स्वास्थ्य जांच क्लीनिक में पहॅुचने वाली गर्भवती महिलाओं को दिये जा रहे स्वल्पाहार की व्यवस्था में पौष्टिक खाद्य पदार्थों को शामिल करने एवं इसमें जिले में एकरूपता लाने के निर्देश जिला स्वास्थ्य अधिकारी को दिये। टीकाकरण कार्य में अविलंब सुधार लाने के लिए सभी सी.बी.एम.ओ. को निर्देशित किया कि यू-विन पोर्टल से प्राप्त सूची अनुसार समस्त बच्चों का पेंण्टा एवं डीपीटी टीकाकरण तत्काल प्रभाव से कराया जाये। बंजारे आबादी वाले स्थानों पर अतिरिक्त सत्र नियोजित किया जाये। जिला टीकाकरण अधिकारी को निर्देश दिये कि दमोह शहरी क्षेत्र में आमजनों को सुलभ रूप से टीकाकरण सेवा हेतु सार्वजनिक क्षेत्र में एक फिक्स्ड संस्था नियोजित कर सप्ताह के सातों दिवस टीकाकरण सेवा आरंभ की जाये। स्वास्थ्य प्रोग्राम मैनेजमेंट से जुडे डी.पी.एम., बी.सी.एम. को फील्ड पर निगरानी रखने एवं निर्धारित समय में लक्ष्यानुरूप डाटा कार्य में प्रगति लाने आवश्यक निर्देश दिये। इस दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं जिला स्वास्थ्य अधिकारी विशेष रूप से मौजूद रहे।

            इस अवसर पर 100 दिवसीय नि-क्षय अभियान की समीक्षा दौरान डॉ. गौरव जैन अभियान की प्रगति के संबंध में बताया कि 99 प्रतिशत टी.बी. संवेदनशील व्यक्तियों की स्क्रीनिंग कर ली गई है। 2 एक्स-रे पोर्टेबल मशीनों से ग्राम स्तर पर हितग्राहियों के एक्स-रे किये जा रहे है। अभी तक 12500 एक्स-रे किये गये है। कलेक्टर श्री कोचर ने स्क्रीन किये गये व्यक्तियों के सापेक्ष हितग्राहियों के अपेक्षित एक्स-रे न पाये जाने पर जिला क्षय अधिकारी डॉ. गौरव जैन को निर्देशित किया कि व्यवस्थित कार्ययोजना बनाकर आगामी 10 दिवस में अभियान दौरान 25000 एक्स-रे कर लिये जाये। नि-क्षय मित्र बढ़ाने के प्रयास भी किये जाये।

            वैक्टर बोर्न डिसीज की समीक्षा दौरान जिला मलेरिया अधिकारी सुश्री यामिनी सिलापुरिया को माह जून से अक्टूबर दौरान मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम एवं बचाव के लिए डेंगू, मलेरिया संवेदनशील क्षेत्रों का विश्लेषण कर मैदानी गतिविधियों की व्यवस्थित एवं व्यवहारिक रूपरेखा बनाकर प्रस्तुत करने के निर्देश दिये।

सी.एम.हेल्पलाईन की समीक्षा दौरान विषयानुसार लंबित ब्लॉकवार जानकारी सभी सी.बी.एम.ओ. से ली गई। समस्त सी.बी.एम.ओ. को निर्देश दिये कि प्राथमिकता से प्रकरण अनुसार समीक्षा करें। दिव्यांगता प्रमाण-पत्र संबंधी शिकायतों का निराकरण अविलंब किया जाये। ऐसे प्रकरण जो फोर्स क्लोज अनुरूप हैं, एवं उनका स्पष्ट तथ्यात्मक विवरण पोर्टल पर दर्ज कर फोर्स क्लोज करायें। ऐसे सभी प्रकरण जिसमें हितग्राही शिकायतों को बंद कराना चाह रहा है, किन्तु मोबाईल नम्बर बंद होने से शिकायत बंद नहीं हो पा रही है। मोबाईल नम्बर अपडेट कराकर बंद करायें। हितग्राही मूलक योजनाओं जिनमें डाटा का ई-वित्त में फ्लो न होने की वजह से भुगतान नहीं हो पा रहा है। उनका पूरा हिसाब रखा जाये। इस संबंध में राज्य स्तर पर शीघ्र आवंटन हेतु पत्र जारी किया जाये।  मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रम अंतर्गत डॉ. भास्कर ने गर्भावस्था दौरान मधुमेह की जांच हेतु जी.डी.एम. कार्यक्रम के तहत ओरल ग्लूकोज टॉलरेंस टेस्ट के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी को साझा किया। उन्होने बताया कि गर्भावस्था की शुरूआत एवं 24 से 28 सप्ताह दौरान जी.डी.एम.  जांच की जाती है। हटा, जबेरा, पटेरा में जांचे बढ़ाने की आवश्यकता है। श्री कोचर ने सभी सी.बी.एम.ओ. को निर्देश दिये कि आरोग्यम आयुष्मान मंदिर उपस्वास्थ्य केंद्रो एवं ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण दिवस में सी.एच.ओ. तथा ए.एन.एम. से जी.डी.एम. जांच कराई जाये। हटा, बटियागढ़ एवं शहरी क्षेत्र दमोह में मातृ स्वास्थ्य पंजीयन में पिछले वर्ष की तुलना में गिरावट क्यों इस संबंध में सी.बी.एम.ओ तथा ए.पी.एम. से जानकारी लेकर श्री कोचर ने निर्देश दिये कि फील्ड में भ्रमण कर डाटा का सत्यापन करें आवश्यकतानुसार मैपिंग करें। कम प्रगति वाले उपस्वास्थ्य केन्द्रों में सर्वे करायें। सर्वे पर भलि-भांति निगरानी रखें।           

एम.डी.आर. की समीक्षा

            मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रम की समीक्षा दौरान विकासखंड जबेरा में हुई मातृ मृत्यु के प्रकरण को शामिल किया गया। मृत्यु के कारणों एवं प्रदाय की गई सेवाओं में कमियों के संबंध में बारीकी से कलेक्टर श्री कोचर ने समीक्षा की। बैठक में मौजूद संबंधित महिला के परिजनों से स्वास्थ्य संबंधी परेशानी एवं अस्पताल में दी गई स्वास्थ्य सेवा-सुविधा के संबंध में जानकारी प्राप्त की। परिजनों द्वारा दी गई जानकारी को बड़ी संवेदनशीलता से सुना। उन्हे भरोसा दिलाया कि मातृ स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हेतु आवश्यक कार्यवाही की जायेगी। उन्हे की गई कार्यवाही से अवगत भी कराया जायेगा। ज्ञातव्य हो कि अप्रैल माह से अभी तक जिले में 40 मातृ मृत्यु के प्रकरण सामने आये है। कलेक्टर कोचर द्वारा मातृ मृत्यु प्रकरणों की गहनता से परीक्षण कर प्रकरण अनुसार मातृ-स्वास्थ्य सेवाओं में पाई कमियों में सुधार लाने तथा लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर दण्डात्मक कार्यवाही की जाती है।

            शिशु स्वास्थ्य-पोषण सेवाओं के तहत दस्तक अभियान में पॉच साल तक के बच्चों को पिलाये जा रहे विटामिन ए एवं चिन्हित एनीमिक बच्चों के पुनः सत्यापन की अद्यतन प्रगति से जिला टीकाकरण अधिकारी ने अवगत कराया। श्री कोचर ने विकासखंड हटा और बटियागढ़ में तुलनात्मक रूप से कम प्रगति के कारणों पर सी.बी.एम.ओ. से चर्चा की। सी.बी.एम.ओ. को निर्देश दिये कि डेवलपमेंट पार्टनर का सहयोग लेकर दिये गये लक्ष्य को समय सीमा में पूर्ण किया जाये। समीक्षा बैठक दौरान श्री कोचर ने जबेरा एवं हिण्डोरिया के सी.डी.आर. प्रकरण की विस्तृत समीक्षा की। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. विशाल शुक्ला ने शिशु मृत्यु के कारणों के संबंध में अवगत कराया। उन्होने बताया कि जबेरा के सी.डी.आर प्रकरण में मिल्क एक्पीरेशन अर्थात दूध का श्वांस नली में पहॅुचने और निमोनिया की वजह से श्वांस नली में रूकावट आई। अगले 24 घंटे दौरान परिजनों द्वारा चिकित्सीय सेवा न लिया जाना परिलक्षित हुआ। जबकि हिण्डोरिया में नवजात कंजेनाइटल हार्ट डिसीज से पीड़ित था उसे समय से रेफर किया गया। किन्तु 3 दिवस के नवजात को नहीं बचाया जा सका।

टीकाकरण डी.टी.एफ. बैठक

            जिला स्वास्थ्य समिति बैठक दौरान टीकाकरण जिला टॉस्क फोर्स बैठक में डब्ल्यू.एच.ओ. जिला प्रतिनिधि डॅा अंकिता जैन ने टीकाकरण कार्यक्रम में आ रही कठिनाईयों एवं मीजल्स-रूबेला उन्मूलन के लिए दमोह जिले की अद्यतन प्रगति से अवगत कराया। डॉ अंकिता ने बताया कि जीरो डोज पेंटावन स्टेट्स में सुधार आया है। ईंट-भट्टे, बंजारे क्षेत्रों में अतिरिक्त आर.आई सत्र लगाने की जरूरत है। टीकाकरण डाटा में अपेक्षित सुधार हेतु सेक्टर मीटिंग की निगरानी रखा जाना हेड काउंट सर्वे का सत्यापन कराना आवश्यक है। पथरिया, तेन्दूखेड़ा, जबेरा, एम.आर. ड्रॉप आउट तुलनात्मक रूप से ज्यादा है। हटा विकासखंड में एम.आर. डेटा सत्यापन के लिए घर-घर भ्रमण दौरान अच्छी प्रगति परिलक्षित हुई है। तेन्दूखेड़ा में मेहनत की जरूरत है। टीकाकरण संबंधी आशा की अपडेटड ड्यू लिस्ट में कमी है। जबेरा, तेन्दूखेड़ा में सेफ इंजेक्शन प्रेक्टिसेस में सुधार की जरूरत है। बटियागढ़ में टीकाकरण प्रतिरोधी परिवारों की संख्या 20 प्रतिशत पाई गई है। बैठक दौरान कलेक्टर श्री कोचर ने सभी संबंधित सी.बी.एम.ओ. को टीकाकरण कार्य में सभी सुधारात्मक कार्यवाही करने के निर्देश दिये।

            निरोगी काया अभियान में अपेक्षानुरूप प्रगति न पाये जाने पर सभी सी.बी.एम.ओ. को निर्देशित किया कि क्षेत्र विशेष में बडे़ शिविर लगाकर 30 आयुवर्ग में उच्च रक्तचापए मधुमेह, सर्वाईकल, स्तन एवं मॅुह कैंसर की प्रारंभिक जांच की जाये। संस्थावार लक्ष्य तय करें। माह के आगामी दिवसों में जिले में आयोजित होने वाले बडे़ कार्यक्रमों में एन.सी.डी. स्क्रीनिंग किया जाये। बैठक दौरान खंड स्तर से सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के सी.बी.एम.ओ., बी.पी.एम., बी.सी.एम. मौजूद रहे।         

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