
दमोह: कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर के निर्देशानुसार खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के अंतर्गत खाद्य सुरक्षा जांच दल द्वारा कार्यवाही करते हुए दमोह शहर के थोक फल विक्रेताओं का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण की कार्यवाही में कचौरा शॉपिंग सेंटर स्थित पप्पू शरीफ फ्रूट मर्चेंट, अशोक कुमार कन्हैयालाल फ्रूट कंपनी,नितिन ज्ञानचंदानी फ्रूट मर्चेंट, साईं ट्रेडर्स एवं रज्जाक भाई रफीक भाई फ्रूट मर्चेंट थोक फल विक्रेताओं का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण की कार्यवाही में थोक फल विक्रेताओं की दुकानों में संग्रहित फलों की जांच की। सभी थोक फल दुकानों में फलों को पकाने के लिए शासन द्वारा मान्य ईथलीन गैस चैंबर एवं ईथलीन हार्मोन स्प्रे का इस्तेमाल होते हुए पाया गया। निरीक्षण में किसी भी थोक फल दुकान में फलों जैसे आम एवं केला को प्रतिबंधित कैल्शियम कार्बाइड से पकाते हुए नहीं पाया गया। मौके पर सभी थोक फल विक्रेताओं को सड़े गले, दूषित फलों का भंडारण एवं विक्रय नहीं करने के निर्देश दिए गए।

खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 एवं विनियम 2011 के तहत फलों को कृत्रिम रूप से पकाने में कार्बाइड गैस के उपयोग को प्रतिबंधित किया गया है। ईथीलीन गैस को फलों के पकाने में 100 पी.पी.एम. तक उपयोग करने की अनुमति खाद्य सुरक्षा एवं मानक विनियम 2011 द्वारा दी गई है। इस गैस को ईथीलीन सिलेंडर,कंप्रेस्ड ईथीलीन गैस, इथेनॉल,ईथाफोन सेचेट आदि बाह्य स्त्रोतों के माध्यम से फलों को कृत्रिम रूप से पकाने में इस्तेमाल किया जा सकता है परंतु फलों पर सीधे संपर्क के द्वारा इनका उपयोग किए जाने पर प्रतिबंध है। सभी उपभोक्ताओं को फलों को केवल जाने माने फल विक्रेता,स्टोर्स,डीलर्स आदि से क्रय करना चाहिए जो यह घोषणा करे कि उनके परिसर में फलों को पकाने में प्रतिबंधित कार्बाइड गैस का उपयोग नहीं किया जाता है एवं न ही ऐसे फलों का वे विक्रय करते है। उपभोक्ताओं को फलों को साफ पानी में धोने के बाद ही इस्तेमाल करना चाहिए।

किसी भी फल जो ज्यादा चमकदार लगे जिन पर ज्यादा काले धब्बे हों उनको खरीदना नहीं चाहिए क्योंकि ऐसे फल कार्बाइड से पकाये हुए हो सकते है। कैल्शियम कार्बाइड जिसे “मसाला” आम बोल चाल में कहते हैं कैंसरकारक होता है इसमें आर्सेनिक एवं फॉस्फोरस तत्व के अंश पाए जाते है। इन तत्वों से चक्कर आना ,जी मिचलाना, जलन,कमजोरी,निगलने में असुविधा, उल्टी, त्वचा अल्सर आदि स्वास्थ्य संबंधी लक्षण मानव शरीर में उत्पन्न हो जाते है। फलों के सीधे संपर्क में इस कार्बाइड के आने से फलों में भी आर्सेनिक एवं फॉस्फोरस तत्व के अंश आ जाते है जो मानव में विभिन्न शारीरिक व्याधियों को उत्पन्न कर सकते है। इस कारण से कार्बाइड गैस के उपयोग को प्रतिबंधित किया गया है।
