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आरोपी महिला ने लगाया था मृतक पर घूरने का आरोप

दमोह । न्यायालय श्रीमान उदय सिंह मरावी, विशेष न्‍यायाधीश (एट्रोसिटीज एक्‍ट) ने तिहरे हत्याकांड के आरोपीगण को तिहरा आजीवन कारावास की सजा व जुर्माने की सजा से दण्डित किया है ।घटना के मुताबिक फरियदिया द्वारा रिपोर्ट लेख कराई कि दिनांक 25/10/22 के करीब 01ः00 बजे की बात है, मैं अपने घर देवरान पर वर्तन धो रही थी, सास राजप्यारी बाहर गोवर उठा रही थी, पति मानक अहिरवार घर के बाहर कोदू की दुकान की तरफ गये थे, देवरानी राजबाई घर पर खाना की तैयारी कर रही थी, तभी छोटा बेटा गोविन्द, पति मानक से कहने लगा कि दादी कहा है, मेरे पति मानक मेरी साल को घर में देखने आये तो मैंरे पड़ोस में रहने वाली वंदना चिल्लाकर कहने लगी कि मानक मुझे बुरी नियत देख रहा है मेरे पति मानक ने कहा मैं तुम्हे नही अपनी माॅ राजप्यारी को देख रहा हूॅ। पीछे वंदना केे पति जगदीश पटेल मां-बहन की गंदी-गंदी गालियां देते हुए आया और कहने लगा तुम्हे जान से खत्म कर दूंगा। और चिल्लाते हुए अपने रिश्तेदार काूदू पटेल के यहाँं चला गया जहां से जगदीश पटैल अपने हाथ में बंदूक लिए, कोदू पटेल कुल्हाडी, मनीष पटेल कुल्हाडी, शुभम पटेल लोहे की सब्बल, सौरभ हाथ में डंडा सभी एक राय होकर मेरे घर के सामने आये जगदीश पटैल ने अपने हाथ में लिए बंदूक से गोली चलाई, जो मेरे पति मानक को माथे पर लगी जिससे मेरे पति वही गिर गए सौरभ ने वही बंदूक जगदीश से छुड़ाकर मेरे ससुर घमंडी को गोली मारी तथा सास राजप्यारी को गोली मारी जगदीश ने उसी बंदूक से मेरे देवर महेश के पैर मेें गोली मारी जिससे वह वही गिर गया मैं और मेरी देवरानी राजबाई, राखी व देवर बल्लू जान बचाकर घर में घुसे-घुसे देखते रहे तो वंदना ने मेरे पति मानक को सिर पर अपने हाथ में लिया डंडा, शुभम ने लोहे की सब्बल से मारा कोदू, मनीष एवं घनश्याम ने अपने हाथ में लिए कुल्हाडी से कई बार मेरे पति मानक की पीठ पर किए जिससे मेरे पति मानक, ससुर घमंडी एवं सास राजप्यारी की मौत हो गई। फरियादी की उक्त रिपोर्ट के आधार पर अभियुक्त जगदीश पटेल एवं अन्य सह-अभियुक्तगण के विरूद्ध अपराध कमांक-679/2022 अंतर्गत धारा-294, 307,302, 147,148,149,323 भारतीय दण्ड संहिता, धारा-25/27,30 आयुध अधिनियम एवं धारा-3(2)(v) ,3(1)r,3(1)a,3(2)(Va)अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम पंजीबद्ध कर प्रकरण विवेचना में लिया गया।संपूर्ण विवेचना उपरांत अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
न्यायालय में आई मौखिक एवं दस्तावेजी साक्ष्य, अभियोजन द्वारा प्रस्तुत तर्कों के आधार पर न्यायालय ने सभी 06 आरोपीगण. आरोपीगण – (1)जगदीश पटेल पिता नारायण पटेल, आयु-43 वर्ष,
(2) सौरभ पटेल पिता पूरन लाल पटेल, आयु-25 वर्ष,
(3)घनश्याम पटेल पिता पूरन लालपटेल, आयु-23 वर्ष,
(4)मनीष पटेल पिता कोदूलाल पटेल, आयु-33 वर्ष,
(5)श्रीमती वंदना पटेल पति जगदीश, आयु-39 वर्ष,
(6)कोदूलाल पटैल पिता चेने पटैल, आयु-61 वर्ष सभी निवासी-ग्राम देवरान, थाना-दमोह देहात, जिला-दमोह को भां.द.वि. की धारा 302 में तिहरा आजीवन कारावास, धारा 3(2)(V) sc/st एक्ट में आजीवन कारावास की सजा धारा 307 भादवि में 5-5 वर्ष का सश्रम कारावास धारा 148 भा द वि में 2-2 का सश्रम कारावास धारा 30, आर्म्स एक्ट में 6-6 माह का सश्रम कारावास एवं समस्त आरोपीगणों को कुल 19500 रूपये के अर्थदण्‍ड से दण्डित किया गया। को तिहरा आजीवन कारावास से दंडित किया ।
मामले में पैरवी सहायक निदेशक अभियोजन श्री धर्मेंद्र सिंह तारन के निर्देशन में सहायक जिला अभियोजन अधिकारी श्री सतीश कपस्‍या द्वारा की गई एवं सहायक श्री तरुण कुमार सोनी एवं आरक्षक श्री भूपेंद्र पांडे द्वारा आवश्यक सहयोग किया गया।

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