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, समीपस्थ गांव से हुई थी मूर्ति नवरात्र पर विसर्जित

रोहित साहू
मडियादो — दमोह कलेक्टर सुधीर कोचर के निर्देश ओर एसडीएम हटा राकेश मरकाम के आदेश पर नायब तहसीलदार शिवराम चढ़ार ने कांटी गांव से निकली सुनार नदी पहुंचकर नदी में मिली महाकाली की प्रतिमा को पुरातत्व संग्रहालय दमोह भिजवाया । रविवार दोपहर को नायब तहसीलदार दल बल के वाहन लेकर सुनार नदी पहुंचे और ग्रामीणों की उपस्थिति में मूर्ति को सम्मान सहित उठवाकर दमोह ले गए। इस दौरान उपस्थित ग्रामीणों ने बताया कि सुनार नदी में मिली संगमरमर की मूर्ति समीपस्थ एक गांव में विराजमान थी जिसे किसी विशेष कारण के चलते नवरात्रि में सुनार नदी के ही सरसुआ घाट में विसर्जित किया गया था। ग्रामीणों के अनुसार मूर्ति प्राचीन ओर तेज थी जिसकी सेवा करना सरल नहीं था। इसी कारण मूर्ति की विधि विधान से जल विसर्जित किया गया था। वही कुछ ग्रामीणों द्वारा जिस स्थल पर मूर्ति मिली वही स्थापित करने की बात कही गई लेकिन सुविधा न होने के चलते संरक्षित करना उचित समझा गया। बता दे कि तीन दिन हटा थाना क्षेत्र के कांटी गांव से निकली सुनार नदी के कटन घाट के पास महाकाली मां की देवी प्रतिमा मिली थी। देवी प्रतिमा मिलने के बाद स्थानीय क्षेत्र के लोग पूजा पाठ करने पहुंचने लगे थे और लोगों का मानना था कि देवी मां भूगर्भ से प्रकट हुई है। हालांकि बाद में समीपस्थ गांव की प्रतिमा होने की खबर भी बहुप्रसारित हो गई थी।

कलेक्टर दमोह और एसडीएम हटा के निर्देश पर सुनार नदी में मिली देवी प्रतिमा को सुरक्षित पुरातत्व संग्रहालय दमोह भेजा गया है — शिवराम चढ़ार नायब तहसीलदार हटा

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